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PM Modi का बर्थडे आज, कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे चीते, जानें पूरा कार्यक्रम

PM Modi के बर्थडे पर आज 7 दशक बाद देश में चीतों की वापसी होगी और पीएम खुद नामीबिाय से आए चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे.

PM Modi का बर्थडे आज, कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे चीते, जानें पूरा कार्यक्रम
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डीएनए हिंदी: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज 17 सितंबर अपना 72वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस मौके के लिए बीजेपी ने राष्ट्रीय स्तर पर करीब 1 पखवाड़े तक जश्न की प्लानिंग की है. वहीं आज पीएम मोदी देश को वन्यजीव, पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक खास संदेश देने वाले हैं. देश में 7 दशक बाद चीतों की वापसी हो रही है. इन चीतों को नामीबिया से लाया जा रहा है और पीएम मोदी खुद इन्हें कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे. 

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नामीबिया से लाए जा रहे चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शनिवार सुबह छोड़ेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली से सुबह करीब 9.20 बजे ग्वालियर हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और करीब 165 किलोमीटर दूर श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (KNP) के लिए रवाना होंगे. यहां सुबह लगभग 10.45 बजे चीतों को विशेष बाड़ों में छोडेंगे. 

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पीएम मोदी बाड़ों में छोड़ेंगे चीते

जानकारी के मुताबिक नामीबिया से 8 चीतों को लेकर विशेष मालवाहक विमान शनिवार सुबह करीब 6 बजे ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतरेगा. उसके बाद चीतों को हेलीकॉप्टर में केएनपी ले जाया जाएगा और फिर वहां पीएम इन चीतों को उनके विशेष बाड़ों में छोड़ेंगे. 

इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नामीबिया से भारत लाए गए चीतों को शनिवार को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ेंगे. इसमें कहा गया है कि पीएम मोदी का यह कार्यक्रम देश के वन्य जीवों और उनके आवास को पुनर्जीवित करने और उसमें विविधता लाने के प्रयासों का यह हिस्सा है. 

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प्रोजेक्ट चीता है स्पेशल

जानकारी के मुताबिक कुछ समय तक नमीबिया से लाए गए इन चीतों को विशेष बाड़ों में क्वारंटीन करके रखा जाएगा. इसके बाद इन्हें जंगल में ही छोड़ दिया जाएगा जहां ये शिकार करने में अभ्यस्त होंगे. इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा यह भी कहा गया है कि प्रोजेक्ट चीता विश्व के सबसे बड़ा वाइल्ड लाइस ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट में से एक है. 

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