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'पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ा, लेकिन आम जनता के लिए पहले जैसी रहेंगी कीमतें', ये मानिए पिछले साल का इंक्रीमेंट अब आ रहा काम

Petrol- Diesel Excise Duty: यह पहला मौका नहीं है, जब केंद्र सरकार ने क्रूड ऑयल की कीमतें घटने के बाद तेल कंपनियों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर अपना खजाना भरा हो.

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'पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ा, लेकिन आम जनता के लिए पहले जैसी रहेंगी कीमतें', ये मानिए पिछले साल का इंक्रीमेंट अब आ रहा काम

Petrol diesel excise duty

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केंद्र सरकार ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपये की बढ़ोतरी कर दी. सरकार के गजट नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. जिसके मद्देनजर पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क 2-2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला लिया गया है. हालांकि, इस फैसले का असर आम जनता की जेब पर नहीं पड़ने वाला है. पेट्रोल कंपनियां जिस रेट में वर्तमान में पेट्रोल-डीजल बेच रही हैं, उसी कीमत में लोगों के लिए तेल की आपूर्ति करती रहेंगी.

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही हैं. पिछले कुछ महीनों में क्रूड ऑयल के दाम 15% कम हुए हैं. फिलहाल इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 63.34 डॉलर प्रति बैरल है, जो अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. लेकिन इसके बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की दामों में कोई कमी नहीं की गई. 

सरकार ने तेल कपनियों पर 2 रुपये की एक्साइज ड्यूटी लगाकर अपना खजाना भरने की तैयारी तो कर ली है, लेकिन जनता को कोई राहत नहीं दी है. जब क्रूड ऑयल के दाम बढ़कर 83 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए थे. तब पेट्रोल के दाम बढ़ाकर 100 रुपये प्रति लीटर कर दिए गए थे. लेकिन अब कच्चे तेल की कीमत घटकर 63.34 डॉलर प्रति बैरल हो गई, तो सरकार ने तेल के दाम नहीं घटाए.

2 साल में 9 बार बढ़ाई थी एक्साइज ड्यूटी

हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब सरकार ने सीधा जनता को देने की बजाय अपने लिए फायदा उठाया हो. नवंबर 2014 से जनवरी, 2016 के बीच जब वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट आई थी, तभी मोदी सरकार ने 9 बार पेट्रोल और डीजल पर शुल्क बढ़ाया था. उन 15 महीनों में पेट्रोल पर 11.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13.47 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. इससे सरकार का एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन 2014-15 में 99,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2016-17 में 2,42,000 करोड़ रुपये हो गया था.

इसके बाद सरकार ने साल 2017 और 2029 में 2-2 रुपये एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई. इसके बाद साल 2020 में पेट्रोल पर 13 रुपये और डीजल पर 16 रुपये प्रति लीटर का आयात कर दिया गया था. सरकार ने एक बार फिर 2 रुपये आयात शुल्क बढ़ाकर अपना खजाना भरने की तैयारी कर ली है. लेकिन यह बोझ ऑयल कंपनियां कब तक आम जनता पर नहीं डालेंगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा.

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