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Chambal नदी किनारे मलेशिया और गोवा जैसे मजे ले रहे लोग! रेत के अंदर कर रहे ये काम

Hot Sand Bath का फायदा लेने पहुंचे डॉ श्रीकांत ने बताया, थेरेपी को करने से उनका मन तो खुश हुआ ही साथ ही तनाव और थकान भी दूर हो गई. महिला पर्यटकों में भी हॉट बाथ को लेकर होड़ मची रही है. उनका कहना है कि यह वाकई आरामदायक है. इससे उनकी दिनभर की थकान चुटकियों में गायब हो जाती है.

Chambal नदी किनारे मलेशिया और गोवा जैसे मजे ले रहे लोग! रेत के अंदर कर रहे ये काम
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डीएनए हिंदी: एक समय था जब लोग उत्तर प्रदेश चंबल के नाम से खौफ खाते थे. चंबल में डकैतों का साया हुआ करता था लेकिन इन दिनों चंबल वैली मलेशिया या गोवा से कम नजर नहीं आ रही है. बदलाव की करवट ले रहे चंबल क्षेत्र में आयुर्वेद पद्धति का विशाल आयोजन किया जा रहा है. इसके तहत पांच नदियों के संगम स्थल 'पचनद' पर एक अनोखी पहल देखने को मिल रही है. यहां योग और आयुर्वेद उपचार के साथ हॉट और कोल्ड सैंड बाथ की व्यवस्था की गई है. जाहिर है यह सुनने भर से ही आपको गोवा और मलेशिया की याद आ गई होगी. 

औरैया इटावा और मध्य प्रदेश के जिले भिंड के बॉर्डर पर यह नजारा शायद ही पहले देखने को मिला हो. यहां दूरदराज से लोग सैंड (Sand Bath) बाथ का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं. इस बीच यहां हॉट सैंड बाथ का फायदा लेने पहुंचे डॉ श्रीकांत ने बताया, थेरेपी को करने से उनका मन तो खुश हुआ ही साथ ही तनाव और थकान भी दूर हो गई. डॉ. वी.के अग्रवाल ने कहा कि उन्हें बैंकाक जैसी अनुभूति मिली है. महिला पर्यटकों में भी हॉट बाथ को लेकर होड़ मची रही है. उनका कहना है कि यह वाकई आरामदायक है. इससे उनकी दिनभर की थकान चुटकियों में गायब हो जाती है.

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इसके अलावा वहां आए ज्यादातर लोगों का कहना था कि उनका अनुभव बहुत ही शानदार रहा. लोगों ने कहा, पूरा टूर बहुत ही यूनिक है. आयुर्वेद पर्यटन की इस नई शुरुआत से पूरी दुनिया में भारत के चंबल क्षेत्र की ख्याति फैलेगी. चंबल क्षेत्र में हॉट सैंड और कोल्ड सैंड बाथ की संकल्पना अपने आप मे अनूठी है.

(रिपोर्ट- गौरव श्रीवास्तव) 

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