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बडगाम में मारा गया आतंकी यासिर 2024 में कम से कम तीन बड़े आतंकवादी हमलों में शामिल था. पुंछ जिले में भारतीय वायुसेना (IAF) के काफिले पर घात लगाकर किया गया हमला, सोनमर्ग के पास मजदूरों पर हुआ हमला और बोटा पथरी में भारतीय सेना पर किया गया हमला शामिल है.
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग में भारतीय सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी की पहचान यासिर के रूप में हुई है. वो पाकिस्तान का नागरिक था और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था. अधिकारियों ने बताया कि वो पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले, 2024 में भारतीय सेना के जवानों और सोनमर्ग में बाहरी मजदूरों पर किए गए हमलों में शामिल था.
भारतीय सुरक्षाबलों को यूसमर्ग के घने जंगलों में छिपे हुए दूसरे आतंकवादी की भी तलाश है. उसके लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. जहां आतंकी यासिर मारा गया है, वो जगह पीर पंजाल पर्वतमाला में 12 हजार से 15,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. हालांकि लगातार हो रही बारिश और दृश्यता का स्तर घटकर सिर्फ पांच मीटर तक रह जाने के कारण सर्च ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन इस इलाके पर भारतीय सुरक्षाबलों का पूरा कंट्रोल है ताकि आतंकवादी के भागने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके.
पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि यासिर की मौजूदगी का पहली बार 2024 में पता चला था. उन्होंने बताया कि खुफिया सूचनाओं के मुताबिक, वह 2024 में कम से कम तीन बड़ी आतंकवादी घटनाओं में शामिल था. इन घटनाओं में पुंछ जिले में भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के काफिले पर घात लगाकर किया गया हमला, सोनमर्ग के पास मजदूरों पर हुआ हमला और बोटा पथरी में भारतीय सेना पर किया गया हमला शामिल है.
-जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकवादियों द्वारा भारतीय वायुसेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में वायुसेना का एक जवान शहीद हो गया था और चार अन्य घायल हो गए थे. यह हमला चार मई, 2024 को शाम करीब 6:15 बजे सुरनकोट इलाके के शाहसितार के पास तब हुआ था, जब जवान सनाई टॉप की ओर जा रहे थे.
-सोनमर्ग के गगनगीर में 20 अक्टूबर, 2024 को आतंकियों के एक संगठन ने 7 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिनमें एक स्थानीय डॉक्टर भी शामिल था. अधिकारियों ने बताया कि यासिर उस आतंकवादी समूह का हिस्सा था, जिसका नेतृत्व लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जुनैद अहमद भट कर रहा था. जुनैद तीन दिसंबर, 2024 को श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित दाचीगाम के जंगल में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारा गया था.
-अधिकारियों के मुताबिक, 24 अक्टूबर, 2024 को यासिर और अन्य आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग के पास बोटा पथरी इलाके में भारतीय सेना के एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि यासिर जुनैद से मिलने के लिए पीर पंजाल पर्वतमाला के उत्तर की ओर चला गया था. बोटा पथरी मुठभेड़ के बाद से वह और लश्कर-ए-तैयबा का एक अन्य आतंकवादी मूसा यूसमर्ग और पुलवामा के इलाकों में छिपे हुए थे.
उन्होंने बताया कि वे पिछले साल जम्मू क्षेत्र में पीर पंजाल पर्वतमाला के दक्षिणी हिस्से में लौट गए थे, लेकिन इस महीने की शुरुआत में ही फिर से घाटी में घुस गए. खुफिया सूचना मिलने के बाद, विशेष बलों और भारतीय सेना की इकाइयों ने 12,000 से 15,500 फुट की ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रों में मोर्चा संभाल लिया था. एक सितंबर को इलाके में कड़ी घेराबंदी की गई थी. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल बडगाम के दूधपथरी इलाके से करीब पांच घंटे की दूरी पर है और यह बेहद दुर्गम क्षेत्र है.
श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने शुक्रवार को 'X' पर कहा, 'खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने बडगाम में जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया. जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और जब उन्हें चुनौती दी गई तो आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकवादी मारा गया और एक एके राइफल बरामद की गई.'
OP ASHDAR, Budgam
— Chinar Corps🍁 - Indian Army (@ChinarcorpsIA) September 4, 2026
Based on specific intelligence input, a Joint Search Operation was launched by #IndianArmy, @JmuKmrPolice and @crpf_srinagar in general area Ashdar Gali, Budgam.
Vigilant troops observed suspicious activity and upon being challenged, terrorists opened fire,…
जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर आतंकियों को चेतावनी दी. J-K पुलिस ने लिखा- 'तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते.' पुलिस की ओर से बताया गया कि ऑपरेशन अशदार के दौरान मारे गए आतंकवादी की पहचान यासिर के तौर पर हुई है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ पाकिस्तानी नागरिक था.
You Can Run But You Can't Hide !
— J&K Police (@JmuKmrPolice) September 5, 2026
The terrorist neutralised, during Op Ashdar, has been identified as Yasir, a Pakistani national of Lashkar e Taiba.@HMOIndia @AmitShah @OfficeOfLGJandK @LokBhavanJandK @manojsinha_ @NorthernComd_IA@ChinarcorpsIA@AdgpArmedJK… pic.twitter.com/SG1leDj7X1
अधिकारियों ने बताया कि यासिर के साथी आतंकी मूसा को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी रहने के बीच ऊंचाई वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि पीर पंजाल के जम्मू वाले हिस्से में भी बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया है, ताकि भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद किया जा सके.