Advertisement

IAF के काफिले पर अटैक, सोनमर्ग में 7 मजदूरों की हत्या... कौन था बडगाम में मारा गया पाकिस्तानी आतंकी यासिर?

बडगाम में मारा गया आतंकी यासिर 2024 में कम से कम तीन बड़े आतंकवादी हमलों में शामिल था. पुंछ जिले में भारतीय वायुसेना (IAF) के काफिले पर घात लगाकर किया गया हमला, सोनमर्ग के पास मजदूरों पर हुआ हमला और बोटा पथरी में भारतीय सेना पर किया गया हमला शामिल है.

Latest News
IAF के काफिले पर अटैक, सोनमर्ग में 7 मजदूरों की हत्या... कौन था बडगाम में मारा गया पाकिस्तानी आतंकी यासिर?

जम्मू-कश्मीर में मारा गया पाकिस्तानी आतंकी

Add DNA as a Preferred Source
  • बडगाम में मारे गए आतंकी की पहचान पाकिस्तानी नागरिक यासिर के रूप  में हुई है.
  • यासिर भारतीय वायुसेना और सेना के काफिले पर आतंकी हमलों को अंजाम दे चुका था.
  • भारतीय बलों को यासिर की मौजूदगी का पहली बार 2024 में पता चला था.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग में भारतीय सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी की पहचान यासिर के रूप में हुई है. वो पाकिस्तान का नागरिक था और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था. अधिकारियों ने बताया कि वो पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले, 2024 में भारतीय सेना के जवानों और सोनमर्ग में बाहरी मजदूरों पर किए गए हमलों में शामिल था. 

भारतीय सुरक्षाबलों को यूसमर्ग के घने जंगलों में छिपे हुए दूसरे आतंकवादी की भी तलाश है. उसके लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. जहां आतंकी यासिर मारा गया है, वो जगह पीर पंजाल पर्वतमाला में 12 हजार से 15,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. हालांकि लगातार हो रही बारिश और दृश्यता का स्तर घटकर सिर्फ पांच मीटर तक रह जाने के कारण सर्च ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन इस इलाके पर भारतीय सुरक्षाबलों का पूरा कंट्रोल है ताकि आतंकवादी के भागने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके.

2024 में पहली बार पता चली थी यासिर की मौजूदगी

पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि यासिर की मौजूदगी का पहली बार 2024 में पता चला था. उन्होंने बताया कि खुफिया सूचनाओं के मुताबिक, वह 2024 में कम से कम तीन बड़ी आतंकवादी घटनाओं में शामिल था. इन घटनाओं में पुंछ जिले में भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के काफिले पर घात लगाकर किया गया हमला, सोनमर्ग के पास मजदूरों पर हुआ हमला और बोटा पथरी में भारतीय सेना पर किया गया हमला शामिल है.

यासिर ने किन हमलों को दिया था अंजाम?

-जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकवादियों द्वारा भारतीय वायुसेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में वायुसेना का एक जवान शहीद हो गया था और चार अन्य घायल हो गए थे. यह हमला चार मई, 2024 को शाम करीब 6:15 बजे सुरनकोट इलाके के शाहसितार के पास तब हुआ था, जब जवान सनाई टॉप की ओर जा रहे थे.

-सोनमर्ग के गगनगीर में 20 अक्टूबर, 2024 को आतंकियों के एक संगठन ने 7 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिनमें एक स्थानीय डॉक्टर भी शामिल था. अधिकारियों ने बताया कि यासिर उस आतंकवादी समूह का हिस्सा था, जिसका नेतृत्व लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जुनैद अहमद भट कर रहा था. जुनैद तीन दिसंबर, 2024 को श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित दाचीगाम के जंगल में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारा गया था.

-अधिकारियों के मुताबिक, 24 अक्टूबर, 2024 को यासिर और अन्य आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग के पास बोटा पथरी इलाके में भारतीय सेना के एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि यासिर जुनैद से मिलने के लिए पीर पंजाल पर्वतमाला के उत्तर की ओर चला गया था. बोटा पथरी मुठभेड़ के बाद से वह और लश्कर-ए-तैयबा का एक अन्य आतंकवादी मूसा यूसमर्ग और पुलवामा के इलाकों में छिपे हुए थे.

पीर पंजाल से दोस्त के साथ घाटी लौट आया था यासिर 

उन्होंने बताया कि वे पिछले साल जम्मू क्षेत्र में पीर पंजाल पर्वतमाला के दक्षिणी हिस्से में लौट गए थे, लेकिन इस महीने की शुरुआत में ही फिर से घाटी में घुस गए. खुफिया सूचना मिलने के बाद, विशेष बलों और भारतीय सेना की इकाइयों ने 12,000 से 15,500 फुट की ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रों में मोर्चा संभाल लिया था. एक सितंबर को इलाके में कड़ी घेराबंदी की गई थी. उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल बडगाम के दूधपथरी इलाके से करीब पांच घंटे की दूरी पर है और यह बेहद दुर्गम क्षेत्र है.

श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने शुक्रवार को 'X' पर कहा, 'खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने बडगाम में जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया. जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और जब उन्हें चुनौती दी गई तो आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकवादी मारा गया और एक एके राइफल बरामद की गई.'

जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर आतंकियों को चेतावनी दी. J-K पुलिस ने लिखा- 'तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते.' पुलिस की ओर से बताया गया कि ऑपरेशन अशदार के दौरान मारे गए आतंकवादी की पहचान यासिर के तौर पर हुई है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ पाकिस्तानी नागरिक था.

यासिर के दोस्त मूसा को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन

अधिकारियों ने बताया कि यासिर के साथी आतंकी मूसा को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी रहने के बीच ऊंचाई वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि पीर पंजाल के जम्मू वाले हिस्से में भी बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया है, ताकि भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद किया जा सके.

ये भी पढ़ें- पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने 'कश्मीर स्टडी ग्रुप' बनाया, भारत में आतंकी हमले के लिए दे रहा सुझाव, क्या है मुनीर की नई साजिश?

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement