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ट्रेडिशनल वॉर से इतर Pakistan सोशल मीडिया पर भी भारत से लड़ रहा युद्ध, उसके प्रोपेगेंडा और स्कैम से कैसे करें बचाव!

Pakistan Fake News Propaganda: पाकिस्तान द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गलत जानकारी, दुष्प्रचार और फर्जी खबरें गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं. वह फर्जी खबरों के जरिए भारत की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करना चाहता है.

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ट्रेडिशनल वॉर से इतर Pakistan सोशल मीडिया पर भी भारत से लड़ रहा युद्ध, उसके प्रोपेगेंडा और स्कैम से कैसे करें बचाव!

Pakistan cyber attack

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भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद भले ही तनाव खत्म हो गया हो, लेकिन पड़ोसी मुल्क की नापाक हरकत अभी भी खत्म नहीं हुई है. उसने सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ रखी है. पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी हैकर्स ने भारत की वेबसाइटों पर 15 लाख से ज्यादा साइबर अटैक किए. महाराष्ट्र साइबर टीम ने इसका खुलासा किया है. साइबर सेल ने 7 ऐसे एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट (APT) समूहों की पहचान की है, जिन्होंने इन हमलों को अंजाम दिया था. हालांकि, राहत की बात यह रही कि 150 हमले ही सफल हो पाए. मतलब 99.99% साइबर अटैक विफल कर दिए गए.

महाराष्ट्र साइबर के पुलिस महानिदेशक यशस्वी यादव ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद भारत की सरकारी वेबसाइटों पर साइबर हमले कम जरूर हुए हैं, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं. ये साइबर अटैक पाकिस्तान, बांग्लादेश, मोरक्को और मिडिल ईस्ट के देशों से हो रहे हैं.युद्ध अब मैदान में नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर डिजिटल वर्ल्ड में लड़ा जा रहा है. 

पाकिस्तान द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गलत जानकारी, दुष्प्रचार और फर्जी खबरें गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं. हाल ही में एक खबर सामने आई थी कि भारत में ATM से पैसा निकलना बंद हो गया. UPI से भी पेमेंट नहीं हो रही है. इससे लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया. इसके अलावा पावर ग्रिड ठप, सैटेलाइट जैमिंग और ब्रह्मोस मिसाइल डिपो पर हमला जैसी फेक खबरें फैलाई गईं. इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पाकिस्तान का मकसद आपसी मतभेद को बढ़ावा देकर भारत की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करना है.

फर्जी खबरों से कैसे करें बचाव
अब सवाल ये उठ रहा है कि पाकिस्तान के इन साइबर हमलों से कैसे बचा जाए? सोशल मीडिया पर जो वीडियो या खबर वायरल हो रही है, वो सही है या गलत कैसे पहचानें? इस बारे में जब साइबरपीस के फाउंडर एंड ग्लोबल प्रेसिडेंट विनीत कुमार (Vineet Kumar) से पूछा गया तो उन्होंने बताया, किसी भी वायरल खबर या वीडियो की सत्यता जानने के लिए उससे जुड़ी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक करें. संदिग्ध लिंक और संदेशों (Message) से सावधान रहें. उस जानकारी के साझा करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करें. किसी भी वायरल खबर की सत्यता जाने बिना विश्वास न करें और न ही उसे आगे फॉरवर्ड करें.

क्या PIB ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर?
पाकिस्तान के बनाए प्रोपेगेंडा में न फंसे ऐसे में प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने भी सतर्कता बरतने के लिए लोगों से अपील की है. पीआईबी ने कहा कि किसी भी खबर या वीडियो को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच आवश्य करें. PIB ने उन फर्जी दावों को खारिज किया कि नागरिकों को ऐसी जानकारी के खिलाफ सचेत रहने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

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