भारत
Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है. पर्यटन, निवेश और रोजगार पर संकट मंडरा रहा है.
Pahalgam Terror Attack: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया. इस हमले में 26 लोगों की जान गई, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे. घटना का असर ना सिर्फ सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर हुआ, बल्कि इसका सीधा प्रभाव जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है. पर्यटक अपने समर ट्रिप कैंसिल कर रहे हैं और निवेशकों ने अपने प्लान फिलहाल टाल दिए हैं. पर्यटन और निवेश, दोनों राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए अहम स्तंभ हैं. एक समय जब जम्मू-कश्मीर की इकॉनमी रफ्तार पकड़ रही थी, तब ये हमला राज्य को फिर से अस्थिर कर सकता है.
पहलगाम में हुआ हालिया आतंकी हमला जम्मू-कश्मीर की विकास यात्रा के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है. यह हमला तब हुआ है जब राज्य की अर्थव्यवस्था ने हाल के वर्षों में बेहतर प्रदर्शन किया था. वर्ष 2024-25 के आर्थिक सर्वे के अनुसार, इस साल राज्य का GSDP 7.06% की दर से बढ़ा है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है. पर्यटन जम्मू-कश्मीर की GSDP का 7-8 प्रतिशत हिस्सा है. इस सेक्टर पर हमले का सीधा असर पड़ा है. गर्मियों के लिए बुक किए गए हजारों ट्रिप कैंसिल किए जा चुके हैं. होटल, गाइड, टैक्सी सर्विस और अन्य स्थानीय कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है.
निवेश के मामले में भी जम्मू-कश्मीर ने हाल ही में बेहतर प्रदर्शन किया था. 8,300 से ज्यादा निवेश प्रस्ताव आए थे, जिनमें लगभग 1.63 लाख करोड़ रुपये की योजनाएं थीं और 5.9 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद थी. जानकारों का मानना है कि ये हमले निवेशकों के भरोसे को हिला सकते हैं और कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स रुक सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर घटेंगे, बल्कि राज्य के लिए बनने वाला औद्योगिक ढांचा भी प्रभावित हो सकता है. जम्मू-कश्मीर में 2022-23 में जहां GSDP की ग्रोथ 9.31% रही थी, वहीं इससे पहले के सालों में (2019-20 और 2020-21) नकारात्मक वृद्धि देखी गई थी. उस समय अनुच्छेद 370 के हटने और कोविड के चलते आर्थिक गतिविधियां लगभग ठप थीं.
अब जब विकास पटरी पर लौटने की कोशिश कर रहा था, तब इस तरह की घटनाएं फिर से स्थिति को अस्थिर कर सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को तुरंत सुरक्षा और निवेशकों के विश्वास को बहाल करने के लिए कदम उठाने होंगे, वरना J&K की तरक्की पर फिर से ब्रेक लग सकता है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.