भारत
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए हमला किया. इस दर्दनाक हादसे में 26 लोगों की जान चली गई साथ ही 20 लोग घायल हुए हैं.
जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटक स्थल पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने टूरिस्टों को अपनी गोलियों का निशाना बनाया. इस हादसे ने पूरे देश को झकझोरकर रख दिया है. हमले में 26 लोगों की जान गई है, साथ ही 20 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. 2019 में हुए पुलवामा हमले के बाद ये सबसे घातक हमला बताया जा रहा है. भारतीय सेना आतंकियों की तलाश में जुट गई है. चश्मदीदों ने बताया कि हथियारबंद आतंकी बैसरन घाटी के पहाड़ से नीचे उतरे और वहां घुड़सवारी करते टूरिस्टों, खाने-पीने की जगहों और पिकनिक मनाते लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की.
मंगलवार दोपहर तीन बजे जंगल के रास्ते सेना की वर्दी में आतंकी आए और उन्होंने पर्यटकों से परिचय-पत्र मांगना शुरू कर दिया. आतंकियों ने सेना की नकली वर्दी पहनी थी और मास्क हचना था, जिस वजह से पर्यटकों को उनपर शक नहीं हुआ. परिचय-पत्र से उन्होंने पर्यटकों का मजहब जाना और इसके बाद सिर्फ हिंदुओं को अपना निशाना बनाया. इश आतंकी हमला का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
यहां अलग-अलग राज्यों के पर्यटक और विदेशी सैलानी मौजूद थे. घटनास्थल पर खानपान के कुछ ठिकाने बने हुए हैं. कुछ पर्यटक वहां भेलपुरी खा रहे थे तो कुछ मैगी खा रहे थे. वहीं, कुछ मैदान में बैठकर पिकनिक कर रहे थे. तभी अचानक गोलीबारी शुरू हुई और घटना में 26 लोगों की जान चली गई.
टूरिस्ट्स जब बैसरन घाटी के रास्ते में बैठकर मैगी खा रहे थे. इसी दौरान वहां झाड़ियों में से 2-3 आतंकी निकलकर पहुंचे और सभी को हथियारों के निशाने पर ले लिया. सभी से पहले नाम और धार्मिक पहचान पूछी गई. इसके बाद एक आतंकी ने दूसरे से कहा कि कोई भी मुस्लिम नहीं है. सारे हिंदू हैं. हिंदुओं को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं. इतना कहने के बाद उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. इसमें 12 लोग घायल हो गए हैं.
इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटे टीआरएफ यानी 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने ली है. टीआरएफ ने एक पेज के संदेश में यह भी लिखा है कि जम्मू-कश्मीर में गैर स्थानीय लोगों को बसाया जा रहा है. यहां अवैध रूप से बसने की कोशिश करने वाले बाहरी लोगों के खिलाफ ऐसे ही हिंसा की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, जम्मू और कश्मीर में लश्कर और टीआरएफ की आतंकी गतिविधियों के पीछे आतंकवादी सैफुल्लाह खालिद का हाथ है.
अधिकारियों ने बताया कि हमले के तुरंत बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव, आईबी चीफ, सीआरपीएफ और बीएसएफ डीजी, आर्मी के टॉप अधिकारियों से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की. इसी के साथ आज, बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने विदेश दौरे को बीच में छोड़कर वापस लौट आए हैं. पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
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