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पहलगाम अटैक में जान गंवाने वाले विनय नरवाल की पत्नी हुईं ट्रोल, महिला आयोग ने मर्यादा में रहने की दी हिदायत

पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल को इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है. अब इस मामले में महिला समर्थन आयेग ने कड़ा रुख अपनाया है.

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पहलगाम अटैक में जान गंवाने वाले विनय नरवाल की पत्नी हुईं ट्रोल, महिला आयोग ने मर्यादा में रहने की दी हिदायत
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पहगाम हमला भारत पर सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एख था. इस हमले में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं. इस हमले में 28 लोगों की जान चली गई. इन्हीं मासूम पर्यटकों में से एक थे लेफ्टिनेंट विनय नरवाल और उनकी पत्नी हिमांशी नरवाल. दोनों शादी के बाद हनीमून मनाने के लिए पहलगाम पहुंचे थे. हिमांशी के हाथों की मेहंदी उतरी भी नहीं थी, आतंकवादियों ने उससे उसका सुहाग छीन लिया. हमले के कुछ दिनों बाद हिमांशी ने कुछ बयान दिए हैं जिसके बाद अब सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है. इस पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने हस्तक्षेप किया है. NCW का कहना है कि किसी महिला को उसकी सोच या निजी जीवन के आधार पर ट्रोल करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं माना जा सकता.

क्यों हो रहीं हिमांशी ट्रोल 

हिमांशी नरवाल ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बयान दिया था कि लोगों को मुसलमानों और कश्मीरियों को निशाना नहीं बनाना चाहिए. उन्होंने कहा था, 'हम नहीं चाहते कि लोग मुसलमानों और कश्मीरियों के पीछे पड़ें.' इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके इस बयान को लेकर उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया. हिमांशी के इस बयान से उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है. यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई यूजर्स ने तो इस शांति संदेश की आलोचना करते हुए इसपर उल्टा निशाना साधाहै. अब मामले के बढ़ते ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने हस्तक्षेप किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है.

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महिला आयोग ने कही ये बात 

NCW ने अपने एक्स पोस्ट में इस पूरे मामले पर लिखा है. उन्होंने लिखा- "लेफ्टिनेंट विनय नरवाल जी की मृत्यु के पश्चात उनकी पत्नी सुश्री हिमांशी नरवाल जी को उनके एक बयान के संदर्भ में सोशल मीडिया पर जिस प्रकार से निशाना बनाया जा रहा है, वह अत्यंत निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है. किसी महिला की वैचारिक अभिव्यक्ति या निजी जीवन को आधार बनाकर उसे ट्रोल करना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है."

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में देश के अनेक नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। इस हमले में अन्य लोगों के साथ लेफ्टिनेंट विनय नरवाल जी से उनका धर्म पूछकर उन्हें गोली मार दी गई थी। इस आतंकी हमले से पूरा देश आहत व क्रोधित है।

लेफ्टिनेंट विनय नरवाल जी की मृत्यु के पश्चात…

उन्होंने आगे लिखा- "किसी भी प्रकार की सहमति या असहमति को सदैव शालीनता और संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर व्यक्त किया जाना चाहिए. राष्ट्रीय महिला आयोग प्रत्येक महिला की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है".

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