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Padma Awards 2023: प्रख्यात वास्तुकार बालकृष्ण दोशी को मिलेगा पद्म विभूषण सम्मान, निधन के 24 घंटे बाद हुआ ऐलान

95 साल के बालकृष्ण दोशी का मंगलवार को निधन हुआ था और आज उनके नाम का ऐलान मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार के लिए किया गया है.

Padma Awards 2023: प्रख्यात वास्तुकार बालकृष्ण दोशी को मिलेगा पद्म विभूषण सम्मान, निधन के 24 घंटे बाद हुआ ऐलान
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डीएनए हिंदी: 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज पद्म पुरस्कारों को ऐलान हो गया है. इसमें अलग-अलग क्षेत्र के कई दिग्गजों को पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है लेकिन एक ऐलान काफी अहम है. कल जिनका निधन हुआ था और आज उन्हें मरणोपरांत पद्मविभूषण का ऐलान किया गया है. जी हां हम बात कर रहे हैं, बालकृष्ण दोशी की जिनका कल ही निधन हुआ है. 

बता दें कि प्रसिद्ध वास्तुकार बालकृष्ण दोशी का मंगलवार को अहमदाबाद में निधन हो गया था. वह 95 वर्ष के थे. उनके निधन के बारे में उनके परिजनों ने जानकारी दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने उनके निधन पर दुख जताया था. पीएम मोदी ने ट्वीट करके उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की थी. बता दें कि बालकृष्ण दोशी को पहले भी राष्ट्रपति द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है.

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बता दें कि बालकृष्ण दोशी ने मुंबई के जेजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर से पढ़ाई की थी. उन्होंने वरिष्ठ आर्किटेक्ट ले कॉर्ब्यूसर के साथ पेरिस में साल 1950 में काम किया था. वह भारत के प्रोजेक्ट्स का संचालन करने के लिए वापस देश लौट आए थे. बालकृष्ण दोशी ने साल 1956 में अपने स्टूडियो वास्तु-शिल्प की स्थापना की थी. 

बता दें कि बालकृष्ण दोशी ने जिन भवनों और संस्थाओं का निर्माण किया है उनमें अहमदाबाद में इंस्टीट्यूट ऑफ इंडोलॉजी, सीईपीटी यूनिवर्सिटी और कनोरिया सेंटर फॉर आर्ट्स, बैंगलोर में भारतीय प्रबंधन संस्थान और इंदौर में निम्न से मध्यम आय वाले परिवारों के लिए एक टाउनशिप अरन्या लो कॉस्ट हाउसिंग शामिल है. अरन्या लो कॉस्ट हाउसिंग के लिए उन्हें 1995 में वास्तुकला के लिए प्रतिष्ठित आगा खान पुरस्कार प्राप्त किया था. 

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जानकारी के मुताबिक, 2018 में उन्हें वास्तुकला के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक माना जाने वाला प्रित्ज़कर आर्किटेक्चर पुरस्कार मिला था। यह सम्मान प्राप्त करने वाले पहले भारतीय वास्तुकार थे. इसके अलावा उन्हें 2020 में भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. 2022 में उन्हें रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स से 'रॉयल गोल्ड मेडल' दिया गया था.

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