Advertisement

Operation Sindoor: भारत-पाक के लिए अगले 72 घंटे अहम, और अधिक हो सकता है नुकसान, जानें क्या बोले रक्षा एक्सपर्ट

Operation Sindoor: अगर अगले 72 घंटे भारत और पाकिस्तान के बीच ठीक से गुजर जाते हैं तो परिस्थिति शांति की तरफ जा सकती है. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है अगले 72 घंटे बहुत जरूरी हो सकती है.

Latest News
Operation Sindoor: भारत-पाक के लिए अगले 72 घंटे अहम, और अधिक हो सकता है नुकसान, जानें क्या बोले रक्षा एक्सपर्ट

Operation Sindoor

Add DNA as a Preferred Source

Operation Sindoor: भारत पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच लगातार युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है. 22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक के बाद भारत 6 और 7 मई के दरमियानी रात को पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों पर हमला बोला हैं. इस हमले में अभी तक मौजूद जानकारी के अनुसार 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं. जब से भारत ने ये एयर स्ट्राइक किया है तब से ही लागातार युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है. एक्सपर्ट का कहना है कि अगले 72 घंटे यानी तीन इस तनाव के लिहाज से बहुत अहम हैं. 

क्या कहते है रक्षा विशेषज्ञ
ऐसा माना जा रहा है कि अगर तीन दिन किसी बड़े हमले के बगैर ही बीत जाते हैं तो अंतरराष्ट्रीय दखल के जरिेए चीजें शांति की ओर जा सकती है. रॉयटर्स के मुताबिक रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जंग आमने-सामने होती है तो दोनों ही देशों को जानमाल के साथ-साथ बड़ा नुकसान हो सकता है. इतिहास पर एक नजर डाले तो पता चलता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1948, 1965 और 1971 और 1999 में लड़ाई हो चुकी है. वहीं बीते कुछ सालों में दोनों ही देशों नें लड़ाकू विमान, मिसाइल और ड्रोन पर खर्च किया है.

ये भी पढ़ेंः Operation Sindoor: 'यही मेरे पति को सच्ची श्रद्धांजलि है' पहलगाम में मारे गए पर्यटकों के परिजनों ने जाहिर की खुशी, PM मोदी को दिया धन्यवाद

अगर युद्ध हुआ तो फिर.....
इससे साफ हो जाता है कि अगर युद्ध हुआ तो स्थिति ज्यादा खराब हो सकती हैं. वॉशिंगटन स्थित थिंक-टैंक स्टिमसन सेंटर के फ्रैंक ओडॉनेल का कहना है कि 2019 के बाद से दोनों देशों ने नए सैन्य उपकरण खरीदे हैं, जिससे हमले करने के नए विकल्प आ गए हैं. सिडनी के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के मोहम्मद फैसल का कहना है दोनों पक्षों को लगता है कि वह पिछली बार से बेहतर स्थिति में हैं. हालांकि असली लड़ाई में ही चीजें पूरी तरह से सामने आती हैं.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement