भारत
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने केवल छोटे संस्करण को ही गाने की वकालत की, जिस पर सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि कांग्रेस उन पर शर्तें नहीं थोप सकती.
श्रीनगर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में पूरे वंदे मातरम के गाए जाने पर बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है. इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे. कांग्रेस द्वारा पूरा वंदे मातरम गाए जाने पर जताई गई आपत्ति के बाद अब कांग्रेस, उसकी सहयोगी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस और बीजेपी के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है.
कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार (8 सितंबर 2026) को सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी. उन्होंने सहयोगी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस को सलाह दी कि वे केवल वंदे मातरम के छोटे संस्करण (पहले दो अंतरों) को ही गाने के फैसले पर कांग्रेस के साथ खड़े रहें.
वेणुगोपाल ने लिखा कि पूरा वंदे मातरम भारत के ताने-बाने और बहुलतावादी सोच के अनुकूल नहीं बैठता. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, नेहरू, पटेल, बोस और मौलाना आजाद जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर ही इसके छोटे रूप को अपनाने का फैसला लिया था, जिसका सभी को सम्मान करना चाहिए.
The full version of Vande Mataram sits uneasily with the syncretic and pluralist ethos that our freedom fighters envisioned and nurtured for India.
For us, the considered judgment of Mahatma Gandhi, Pandit Nehru, Sardar Patel, Subhash Chandra Bose, Rajendra Prasad, Acharya… pic.twitter.com/VngmVUmevz— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) September 8, 2026
कांग्रेस की इस सलाह पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने तीखा जवाब दिया है. एनसी नेता बशीर अहमद ने साफ कहा कि एक गठबंधन सहयोगी के तौर पर कांग्रेस उन पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकती. उन्होंने कहा, "वेणुगोपाल जी को ट्वीट करने का हक है, लेकिन वे यह तय नहीं कर सकते कि किसे कितना गाना है. यह लोगों की अपनी पसंद है और हम जनता पर कुछ भी जबरन थोपे जाने के खिलाफ हैं."
इसके जवाब में कांग्रेस नेता कपिल सिंह ने हमला तेज करते हुए एनसी को सलाह दी कि वे नागपुर (आरएसएस) के इशारों पर झुकने के बजाय इंडिया ब्लॉक के फैसलों का सम्मान करें.
पूरे वंदे मातरम का विरोध करने पर बीजेपी ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला है. बीजेपी प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के इस रवैये से साफ हो गया है कि वह 21वीं सदी की नई मुस्लिम लीग बन चुकी है और उसने कट्टरपंथियों के आगे पूरी तरह सरेंडर कर दिया है.
बीजेपी नेता आरएस पठानिया ने निशाना साधते हुए कहा कि कश्मीर घाटी में तो अलगाववादियों ने भी कभी राष्ट्रीय गीत का इस तरह विरोध नहीं किया, जितना आज कांग्रेस कर रही है.
दरअसल, पिछले महीने कांग्रेस कार्यसमिति ने 1937 के अपने पुराने प्रस्ताव को लागू करते हुए तय किया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो अंतर ही गाए जाएंगे.
वहीं दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने इस साल की शुरुआत में ही सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और आधिकारिक समारोहों में 'जन गण मन' से पहले पूरे 'वंदे मातरम' (सभी 6 अंतरों) को गाना अनिवार्य कर दिया था. इसी फैसले को लेकर अब देश भर में सियासत गरमाई हुई है.