भारत
Semiconductor Unit: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 3706 करोड़ रुपये की लागत से जेवर एयरपोर्ट के पास छठी सेमीकंटक्टर यूनिट बनाई जाएगी. इससे 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा.
मोदी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के पास सेमीकंटक्टर यूनिट बनाने की मंजूरी दे दी है. यह भारत की छठी सेमीकंडक्टर इकाई होगी. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इस Semiconductor Unit को बनाने के लिए 3706 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी दी गई है. इससे 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा. मालूम हो कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. जेवर के पास एक फिल्म सिटी भी बनाई जा रही है.
इस Semiconductor Unit में क्या बनेगा?
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अभी तक 6 सैमीकंडक्टर प्लांट बन चुके हैं. सरकार ने अब छठी यूनिट को बनाने का भी फैसला ले लिया है. इस प्रोजेक्ट में देश की दिगग्ज IT कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) और ताइवानी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Foxconn साझा निवेश कर रही हैं. इसमें डिस्प्ले ड्राइव (Display Drive) करने वाली चिप बनेंगी. उन्होंने बताया कि इस Semiconductor Unit को बनाने में 3706 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
क्या होती है सेमीकंडक्ट्र यूनिट?
सेमीकंडक्ट्र यूनिट में डिजिटल डिवाइसेज बनाई जाती हैं. नोएडा के पास जेवर एयरपोर्ट के नजदीक यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में स्थापित होने वाली इस यूनिट में डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स बनाई जाएंगी. जिनका इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप, कम्यूटर, कारों और अन्य डिजिटल डिवाइसेज की स्क्रीन में होता है. HCL और Foxconn कंपनी मिलकर यह काम करेंगी.
हर महीने कितनी चिप्स बनाने का लक्ष्य?
सरकार के मुताबिक, इस सेमीकंडक्टर यूनिट में हर महीने 20,000 वेफर्स और 3.6 करोड़ चिप बनाने का लक्ष्य होगा. इस प्रोजेक्ट में लगभग 3,700 करोड़ रुपये का निवेश होगा.
2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस यूनिट से 2,000 लोगों को रोजगार मिलेगा. सेमीकंडक्टर उद्योग (Semiconductor Industry) देशभर में बड़ा आकार ले रहा है. कई राज्यों ने विश्व स्तरीय डिजाइन सुविधाएं शुरू कर दी हैं.
युवा बना रहे अपनी पहचान
सेमीकंडक्टर उद्योग में युवा बढ़ चढ़कर दिलचस्पी दिखा रहे हैं. 270 शैक्षणिक संस्थानों और 70 स्टार्टअप में छात्र और उद्यमी नई टेक्नोलॉजी से नए उत्पाद बनाने में जुटे हैं.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.