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TB Asthma की दवाओं के दाम 50% तक बढ़े, जानें और कौन-कौन सी दवाएं हुईं महंगी

सरकार ने कुछ जरूरी दवाओं की कीमतों में 50% तक बढ़ोतरी का फैसला किया है. सरकार ने ये फैसला दवाओं को तैयार करने में जरूरी सामग्रियों की कीमतें बढ़ने और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए लिया है. क्या इसका आम जनता पर असर होगा? जानें इनमें और कौन-कौन सी दवाएं शामिल हैं.

TB Asthma की दवाओं के दाम 50% तक बढ़े, जानें और कौन-कौन सी दवाएं हुईं महंगी

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Medicine Price Increase: दवाएं आम लोगों की जरूरत होती हैं. लेकिन, कुछ जरूरी दवाओं की कीमतों में 50% तक बढ़ोतरी का फैसला हैरान करने वाला है. National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) ने 8 अहम दवाओं के दाम बढ़ाने का ऐलान किया है. इन दवाओं में अस्थमा, टीबी, थैलेसीमिया और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) से जुड़ी दवाएं शामिल हैं.

क्यों बढ़ीं दवाओं की कीमतें?
सरकार ने कहा कि दवाओं की उत्पादन लागत (Production Cost) और कच्चे माल (Raw Material) की कीमतें बढ़ने की वजह से ये फैसला लिया गया हैं. दवा कंपनियों ने उत्पादन बंद करने की चेतावनी दी थी. इसके बाद सरकार ने इन दवाओं की लगातार उपलब्धता (Availability) बनाए रखने के लिए दाम बढ़ाने का निर्णय (Decision) लिया. 8 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद ये फैसला लागू किया गया. इससे इन दवाओं की विक्रय मूल्‍य (Selling Price) में 50% तक बढ़ोतरी हो गई.

किन दवाओं के दाम बढ़े?
इस फैसले से अस्थमा, टीबी, थैलेसीमिया, ग्लूकोमा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दवाओं पर असर पड़ेगा. जिन दवाओं के दाम बढ़ाए गए हैं, उनमें शामिल हैं:

    •    बेंजाइल पेनिसिलिन इंजेक्शन (Benzyl Penicillin Injection)
    •    एट्रोपीन इंजेक्शन (Atropine injection)
    •    स्ट्रेप्टोमाइसिन पाउडर इंजेक्शन (Streptomycin powder injection)
    •    साल्बुटामोल टैबलेट और सॉल्यूशन (Salbutamol Tablets and Solutions)
    •    पिलोकार्पिन ड्रॉप्स (Pilocarpine Drops)
    •    सीफेड्रॉक्सिल टैबलेट (Cefedroxil Tablet)
    •    डेस्फेरियोक्सामाइन इंजेक्शन (Desferoxamine injection)
    •    लिथियम टैबलेट (Lithium Tablet)

आम जनता पर क्या असर होगा?
सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी का आम जनता पर ज्यादा असर नहीं होगा. ये दवाएं सरकारी अस्पतालों (Government Hospitals) और स्वास्थ्य योजनाओं (Health Schemes) के तहत मुफ्त में उपलब्ध होती हैं. इसलिए दाम बढ़ने के बावजूद लोगों को दवाएं मिलती रहेंगी.


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पहले भी बढ़े थे दवाओं के दाम
ये पहली बार नहीं है जब NPPA ने दवाओं के दाम बढ़ाए हैं. इससे पहले 2019 और 2021 में भी कुछ जरूरी दवाओं की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी की गई थी, ताकि इनकी उपलब्धता बनी रहे.

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