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पहली बार भारत से भूटान तक रेल यात्रा का रास्ता साफ हो गया है. भारतीय रेलवे के भारत-भूटान रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है, जानें डिटेल्स...
भारत-भूटान रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है. इससे पहली बार भारत से भूटान तक रेल यात्रा का रास्ता साफ हो गया है. इंडियन रेलवे के नेतृत्व में यह सीमा-पार रेल पहल भारत-भूटान के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करेगी जिससे सीमा-पार परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत-भूटान रेल संपर्क परियोजना की जानकारी दी और बताया कि भूटान के दो शहरों कोकराझार से गेलेफू और बनारहाट से समत्सेको जोड़ने वाली 89 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए ₹4,033 करोड़ का निवेश किया जाएगा. गेलेफू को माइंडफुलनेस सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है जबकि समत्से एक औद्योगिक केंद्र है.
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भारत से भूटान तक ट्रेन यात्रा जल्द
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह रेल संपर्क भूटान के आर्थिक विकास और वैश्विक पहुंच के लिए अहम है खासकर इसलिए क्योंकि भारत उसका सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है. भूटान-भारत रेल मार्ग के 2025 तक चालू होने की उम्मीद है, जो भारत-भूटान संपर्क में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा. यह परियोजना न केवल पर्यटकों के लिए सुगम यात्रा की सुविधा प्रदान करेगी बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय व्यावसायिक विकास के नए रास्ते भी खोलेगी.
रेलवे के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि नया रेल मार्ग 2025 तक शुरू में प्रमुख सीमावर्ती कस्बों को जोड़ेगा और भविष्य में इसे भूटान में और भी गहराई तक बढ़ाने की योजना है. यह रणनीतिक कदम बुनियादी ढांचे में सुधार और अपने हिमालयी पड़ोसी के साथ मज़बूत संबंधों को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
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