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Noida Twin Towers: ट्विन टावर गिरने से आसपास की इमारतों को कितना नुकसान, कौन कराएगा मरम्मत? जानें हर सवाल का जवाब

Noida Twin Towers: सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक के 32 मंजिला ट्विन टावर्स अब इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं. इनके गिरने के हजारों टन मलबा जमा हो गया है. 

Noida Twin Towers: ट्विन टावर गिरने से आसपास की इमारतों को कितना नुकसान, कौन कराएगा मरम्मत? जानें हर सवाल का जवाब

नोएडा ट्विन टावर

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डीएनए हिंदीः नोएडा के सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक के 32 मंजिला ट्विन टावर्स (Noida Twin Towers) ढेर में तब्दील हो चुके हैं. टावर के गिरने से बाद मुंबई की कंपनी एडिफाइस इंजीनियरिंग ने राहत की सांस ली है. जिस तरह से ब्लास्ट की डिजाइन तैयार की गई थी ठीक उसी तरह से टावर गिरे हैं. इनके गिरने से ना के बराबर नुकसान हुआ है. आसपास रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है कि उनका उतना नुकसान नहीं हुआ जैसी आशंका बनी हुई थी. 

कितना हुआ नुकसान 
ट्विन टॉवर के नजदीक की एटीएस विलेज की बाउंड्री बाल करीब 10 मीटर तक टूट गई. हालांकि इसकी पहले से आशंका थी. वहीं कुछ घरों से हल्का नुकसान हुआ है. ब्लास्ट से इनके शीशे टूट गए हैं. ध्वस्तीकरण का काम करने वाली कंपनी सर्वे कर रही है. इसके बाद नुकसान का पता किया जा सकेगा. 

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कौन करेगी नुकसान की भरपाई?
ट्विन टावर के आसपास रहने वाले लोगों का इस ब्लास्ट से जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई एडिफाइस इंजीनियरिंग की ओर से की जाएगी. लोगों को इसके लिए एक भी रुपये खर्च नहीं करने होंगे. कंपनी की ओर से रिपेयरिंग का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा. यह लोग सिर्फ अभी ही नहीं अगले तीन महीने तक नुकसान की भरपाई के लिए क्लेम कर सकेंगे. नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी की ओर से 100 करोड़ रुपये का पहले ही टाटा इंश्योरेंस से बीमा कराया जा चुका है. बीमा की रकम के जरिए ही नुकसान की भरपाई की जाएगी. 

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कंपनी को कितना होगा नुकसान
इमारतों को गिराने में लगने वाली 20 करोड़ रुपये की लागत में से सुपरटेक लगभग 5 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी. जबकि शेष 15 करोड़ की राशि मलबे को बेचकर प्राप्त की जाएगी. जिसमें 4,000 टन स्टील और लगभग 55,000 टन आयरन निकलने की संभावना है. तीन महीने में मलबा हटाने का काम पूरा किया जाएगा.

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