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NTA ने Telegram रैकेट का पर्दाफाश किया, बैन पर CEO पावेल डुरोव बोले- 'अगली बार कहीं और लीक होगा पेपर'

भारत सरकार NEET-UG 2026 की 21 जून को होने वाली पुनः परीक्षा से पहले टेलीग्राम को अस्थाई रूप से बैन कर दिया है. इस फैसले पर Telegram के CEO पावेल डुरोव ने भी प्रतिक्रिया दी है.

NTA ने Telegram रैकेट का पर्दाफाश किया, बैन पर CEO पावेल डुरोव बोले- 'अगली बार कहीं और लीक होगा पेपर'

Telegram बैन पर CEO पावेल डुरोव ने प्रतिक्रिया दी. फोटो (@durov/X)

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  • NTA ने छात्रों और पैरेंट्स को Telegram रैकेट से सतर्क किया है.
  • NEET-UG 2026 री-एग्जाम का पेपर फिर से लीक होने की अफवाह फैला रहे जालसाज.
  • Telegram बैन पर  CEO पावेल डुरोव ने निराशा जताई.

NEET-UG 2026 re-examination: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर चल रहे बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. एजेंसी ने बताया है कि कुछ जालसाज दोबारा होने वाली परीक्षा के पेपर के लीक होने का दावा करते हुए 14,000 से लेकर 25,000 तक और कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं. NTA ने छात्रों और पैरेंट्स को जालसाजों द्वारा फंसाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पैंतरों को लेकर अलर्ट किया है. 

परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित कराने के लिए केंद्र सरकार ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को देशभर में पहले ही  बैन कर दिया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इसके लिए सरकार से सख्त कदम उठाने की सिफारिश की थी. हालांकि, यह कदम अस्थायी है और नीट यूजी की परीक्षा खत्म होने के बाद टेलीग्राम यूजर्स दोबारा इस ऐप का इस्तेमाल कर सकेंगे. 

NTA ने खोली स्कैमर्स की पोल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया है कि कैसे स्कैमर्स कैंडिडेट और उनके माता-पिता को निशाना बनाकर दो तरह के स्कैम चला रहे थे. एजेंसी ने बताया है कि टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से जालसाज भारी रकम मांग रहे थे और दावा कर रहे थे कि वे री-एग्जाम का पेपर भेज देंगे. NTA ने कहा है कि ऐसा संभव नहीं है क्योंकि री-एग्जाम के लिए कोई पेपर लीक नहीं हुआ है. एजेंसी ने ये भी बताया कि अगर आपने अपना एडमिट कार्ड और WhatsApp नंबर भेजा है, तो वे उनका इस्तेमाल अगले स्टूडेंट को ठगने के लिए करते हैं.. 

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने ये भी बताया है कि स्कैमर्स ने परीक्षा से पहले की चैट दिखाने वाले पैंतरे को भी आजमाया है. Telegram पर जो भी चैनल चलाता है वह किसी भी पुराने मैसेज को एडिट कर सकता है और उसके अंदर की चीज़ें बदल सकता है. जबकि मैसेज की तारीख वही रहती है. इसलिए 4 तारीख को एडिट किए गए मैसेज को ऐसा दिखाया जा सकता है जैसे वह 1 तारीख को भेजा गया हो. एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के किसी भी स्कैम की रिपोर्ट नेशनल साइबर-क्राइम हेल्पलाइन 1930 या http://cybercrime.gov.in पर करें. 

 

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