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नागपुर में मुगल शासक औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस दौरान उपद्रवियों ने कई वाहनों को आग में झोंक दिया साथ ही हिंसक झड़प में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को हिंसा भड़क गई. दरअसले हिंसा औरंगजेब की कब्र को हटाए जाने को लेकर भड़की. इस हिंसक झड़प में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिसमें 15 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. दो गुटों की इस भड़प में जमकर पत्थरबाजी हुई, शीशे तोड़े गए साथ ही कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने हिंसक झड़प को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे. पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों को हिरासत में ले लिया है और शहर में कर्फ्यू लगा दिया है.
महाराष्ट्र में हिंसा समभाजी नगर में औरंगजेब के मकबरे को लेकर भड़की. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस मकबरे को ध्वस्त करने की मांग की थी. दोनों पक्षों ने सोमवार सुबह नागपुर में भी प्रदर्शन किया था, इसके कुछ ही घंटों बाद हिंसा भड़क गई और उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. मामले में नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंगल ने बताया कि हिंसा रात 8 से 8:30 बजे के बीच हुई, वर्तमान में शहर में स्थिति शांतिपूर्ण है.
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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने नागपुर में सोमवार को भड़की हिंसा को साजिश बताया है. उन्होंने कहा कि इस हिंसा को एक प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया है. डिप्टी सीएम ने कहा कि जो लोग भी इस हिंसा में शामिल हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और उनपर सख्त एक्शन लिया जाएगा. विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए शिंदे ने कहा कि औरंगजेब की दुहाई विपक्ष कैसे कर सकता है. औरंगजेब ने महाराष्ट्र पर हमला किया और साथ ही इतना अत्याचार किया उसकी तारीफ कैसे हो सकती है. औरंगजेब का समर्थन करने वाले देशद्रोही हैं.
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