Advertisement

Nagpur Violence: नागपुर हिंसा में सामने आया बांग्लादेशी कनेक्शन! पुलिस का बड़ा खुलासा, जानें पूरा मामला

साइबर सेल की ओर से ऐसे 97 पोस्ट को चिन्हित किया गया है, इन पोस्ट के द्वारा माहौल को खराब करने की कोशिश की गई. पढ़िए रिपोर्ट.

Latest News
Nagpur Violence: नागपुर हिंसा में सामने आया बांग्लादेशी कनेक्शन! पुलिस का बड़ा खुलासा, जानें पूरा मामला

नागपुर हिंसा 

Add DNA as a Preferred Source

महाराष्ट्र के नागपुर में 17 मार्च को बड़े स्तर पर हिंसा हुई थी. दो गुट आपस में उलझ गए थे. इस घटना के बाद पुलिस इस मामले की पूरी सक्रियता के साथ जांच कर रही है. साथ ही इसकी तफ्तीश साइबर सेल भी कर रही है. साइबर सेल की तरफ से लगातार इस हिंसा से संबंधित कॉन्टेंट को लेकर सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है. इसी क्रम में साइबर सेल को बड़ी बात पता चली है. पुलिस की ओर से इसका खुलासा करते हुए बताया गया है कि हिंसा के बाद तनाव की स्थिति के बीच बांग्लादेश से सोशल मीडिया के मंच से लोगों को भड़काने का काम किया जा रहा है. वहां मौजूद एक शक्स ने सोशल मीडिया पर धमकी देते हुए कहा हा कि ये छोटा दंगा है, इससे भी बड़े दंगे को अंजाम दिया जाएगा. वहीं इस मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है, और उसके ऊपर राष्ट्रद्रोह के आरोप लगाए गए हैं.  

पुलिस ने फेसबुक से की अपील
महाराष्ट्र पुलिस ने हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर बढ़ते तनाव के मद्देनजर फेसबुक से भी बात की है, साथ ही तनाव और नफरत बढ़ाने वाली पोस्ट और हैंडल को बैन करने की अपील की है. फेसबुक से अनुरोध किया गया है कि वो अफावाह को बढ़ाने वाले अकाउंट्स पर नियंत्रण लगाए. आपको बताते चले कि नागपुर हिंसा के बाद से सोशल मीडिया के ऊपर अफावहों का बाजार अपने चरम पर जा पहुंचा है. ऐसी भी झूठी खबरें फैलाई गई कि हिंसा के दौरान घायल हुए लोगों की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई. 

महौल बिगाड़ने की कोशिश
साइबर सेल की ओर से ऐसे 97 पोस्ट को चिन्हित किया गया है, इन पोस्ट के द्वारा माहौल को खराब करने की कोशिश की गई. पुलिस की तरफ से भी बताया जा चुका है कि विएचपी के प्रोटेस्ट के 5 घंटे के बाद बड़ी संख्या में शरारती तत्व इकट्ठा हुए थे. इसको लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में इन्हें खास मकसद के साथ इकट्ठा किया गया होगा. इस बात को लेकर भी खुलासे किए गए हैं कि इनकी ओर से मकसद पुलिस को निशाना बनाना भी हो सकता है. इसके लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया होगा.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement