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महाराष्ट्र में इमारत ढहने से 14 लोगों की मौत, NDRF का सर्च राहत बचाव के साथ सर्च ऑपरेशन जारी

इमारत ढहने के बाद पुलिस ने शिकायत मिलते ही बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही मलबे में दबे अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है.

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महाराष्ट्र में इमारत ढहने से 14 लोगों की मौत, NDRF का सर्च राहत बचाव के साथ सर्च ऑपरेशन जारी
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महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में एक चार मंजिला इमारत ढहने से मां-बेटी समेत 14 लोगों की मौत हो गई. वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है. एनडीआरएफ की टीम राहत बचाव के साथ ही सर्च आॅपरेशन चला रही है. मलबे में दबे लोगों के शव निकाले जा रहे हैं. वहीं लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. अब तक 6 लोगों ​के शव निकाले जा चुके हैं...

बुधवार रात लगभग 12 बजकर 5 बजे रमाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा ढह गया. चारों तरफ चीख पुकार मच गई. मौके पर पहुंची पुलिस प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने राहत बचाव कार्य शुरू किया. पिछले 24 घंटे से ज्यादा समय से यह जारी है. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब तक 17 लोगों के बारे में पता चला है. इनमें 14 मृतक हैं. वहीं एक घायल और दो को बचा लिया गया है. बचाव अभियान अभी भी जारी है.

पुलिस ने बिल्डर को किया गिरफ्तार

वसई विरार नगर निगम (वीवीएमसी) की शिकायत के बाद पुलिस ने बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया है राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 5वीं बटालियन की दो टीमें घटनास्थल पर अभियान चला रही हैं. पालघर की जिला कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की संभावना है. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम के अनुसार, जिस 'चॉल' पर यह इमारत गिरी, वह घटना के समय खाली थी. एहतियात के तौर पर, आस-पास की सभी चॉलों को खाली करा दिया गया है और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है.

2012 में बनाई गई थी इमारत

कदम ने बताया कि 2012 में निर्मित रमाबाई अपार्टमेंट में कुल 50 फ्लैट थे, जिनमें से ढहा हुआ हिस्सा 12 अपार्टमेंट का था. वीवीएमसी के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि इमारत अवैध थी. मलबा हटाने में देरी हुई क्योंकि भारी मशीनें उस भीड़भाड़ वाले इलाके तक नहीं पहुंच पाईं, जहां इमारत गिरी थी. वीवीएमसी के सहायक आयुक्त गिलसन गोंसाल्वेस ने कहा कि "अभी तक, मलबा हटाने का काम जारी है. शुरुआती कई घंटों तक, मलबा नगर निगम की टीमों और एनडीआरएफ की दो इकाइयों ने हाथ से साफ किया. अब, यह काम मशीनों की मदद से युद्धस्तर पर चल रहा है." इस हादसे के कारण कई परिवार बेघर हो गए हैं. सभी प्रभावित परिवार वर्तमान में चंदनसर समाज मंदिर में शरण लिए हुए हैं, जहां उन्हें भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सेवाएं मिल रही हैं.

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