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MP: SDM से बहस करना बुजुर्ग को पड़ा मंहगा, 6 घंटे बैठाकर रखा, जानें पूरा मामला

बुजुर्ग एसडीएम की जनसुनवाई में शामिल होने के लिए नीमच पहुंचे हुए थे. वो मूल रूप से अड़मालिया के रहने वाले हैं. इस दौरान उन्होंने 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा की, और 8 किलोमीटर तक बस से सफर किया. पढ़िए रिपोर्ट.

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MP: SDM से बहस करना बुजुर्ग को पड़ा मंहगा, 6 घंटे बैठाकर रखा, जानें पूरा मामला
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एमपी के नीमच में एक बुजुर्ग को एसडीएम से बहस करना मंहगा पड़ गया. एसडीएम से ऊंची आवाज में बात करने की वजह से बुजुर्ग को 6 घंटों तक जमीन पर बैठाए रखा. दरअसल ये बुजुर्ग भूमि सीमांकन की समस्याओं को लेकर एसडीएम के पास पहुंचे थे. समस्या बताते हुए उनकी आवाज ऊंची हो गई. ये घटना मंगलवार की है. फिर पुलिस वालों उन्हें पकड़कर थाने लेकर चले गए. बुजुर्ग की उम्र जगदीश दास बैरागी है, वो 70 साल के हैं. वो एसडीएम की जनसुवाई में शामिल होने के लिए नीमच पहुंचे हुए थे. वो मूल रूप से अड़मालिया के रहने वाले हैं. इस दौरान उन्होंने 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा की, और 8 किलोमीटर तक बस से सफर किया.

क्या है पूरा मामला?
ये बुजुर्ग एक किसान हैं. वो एसडीएम के पास अपनी शिकायत लेकर आया था. वो अपनी जमीन के सीमांकन और बंटवारे को लेकर पहुंचा हुआ था. उसका ये काम काफी समय से रुका हुआ था. इसको लेकर कई बार वो ऑफिस जा चुका था. अपनी दिक्कतों के बारे में वो एसडीएम से बता ही रहा था कि उसकी आवाज थोड़ी ऊंची हो गई. इसको लेकर पुलिस वालों ने उन्हें पकड़ विया. और पकड़कर पास में मौजूद कैंट थाने ले गए. बुजुर्ग को कैंट थाने में जबरन शाम 6 बजे तक बिठाए रखा. वो वहां पर बिना कुछ भोजन किए मौजूद रहे. शाम को उन्हें जाने दिया गया.

एसडीएम का आया बयान 
नीमच के एसडीएम संजीव साहू की ओर से भी इस मामले को लेकर मीडिया में बयान जारी किया गया. उन्होंने कहा कि 'बुजुर्ग के मामले तहसीलदार के पास है. बुजुर्ग की मांग है कि बंटवारा उनके अनुरूप ही किया जाए.' रिपोर्ट भी जारी की गई है. तहसीलदार की ओर से आदेश दिया गया है कि नियम के मुताबिक की एक्शन लिया जाए.

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