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पानी में डूबा देश का ये राज्य, कई जगह लोगों को रातों-रात खाली करने पड़े घर, कितना है बाढ़ का कहर

इस शहर के कोने-कोने से इसी तरह की खबरें आ रही हैं कि जलस्तर काफी बढ़ चुका है और प्रशासन अलर्ट जारी कर जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाने में लगा हुआ है.

पानी में डूबा देश का ये राज्य, कई जगह लोगों को रातों-रात खाली करने पड़े घर, कितना है बाढ़ का कहर
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डीएनए हिंदी: देशभर में बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और बाढ़ के हालात बने हुए हैं. हर तरफ से इसी तरह क अपडेट आ रही हैं. मध्यप्रदेश के इलाकों में हो रही लगातार बारिश के चलते ललितपुर जिले में बेतवा नदी पर बने राजघाट और माताटीला बांध का जलस्तर काफी बढ़ गया है. इस वजह से बांधों पर पड़ रहे दबाब को देखते हुए राजघाट बांध के 18 गेटों को खोलकर बांध से 4 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है. इससे राजघाट बांध के नीचे बना हुआ पुल जो ललितपुर जिले को मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के राजमार्ग को जोड़ता है वह पूरी तरह से डूब गया है. अब दोनों तरफ की आवाजाही ठप्प पड़ गई है.

देवास में भी बुरे हैं हालात

देवास जिले के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश और अन्य जिलों की बारिश के बाद देवास जिले के नेमावर में नर्मदा नदी का जलस्तर बीती रात से बढ़ने लगा है. नर्मदा से लगी कुछ सहायक नदियों के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. नर्मदा का जलस्तर 889 फीट पर है. यानी की खतरे के निशान से 4 फीट ऊपर है. अगर लेवल बढ़ा तो कई गांवों में बाढ़ जैसे हालत बनेंगे. हालांकि, पुलिस और होमगार्ड का बचाव दल बाढ़ की स्थिति से निपटने लिए पूरी तरह से तैयार है. रायसेन में बरगी बांध के गेट खुलने से नर्मदा नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है. एक तरफ नर्मदा नदी पर बोरास में बने पुल से महज 2 फिट नीचे बह रहा पानी हालात यही रहे तो पुल पर पानी कभी भी आ सकता है.

आगर मालवा जिले में लगातार बारिश का दौर जारी

आगर मालवा जिले में लगातार बारिश का दौर जारी है. लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते जिले की सीमा पर बने क्षेत्र के सबसे बड़े कुंडालिया डैम के 9 गेट को सुबह 12 बजे तक खोल दिया गया है. बांध से बड़ी मात्रा में पानी की निकासी की जा रही है. बांध से पानी छोड़े जाने से लगातार कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. निचले इलाको में प्रशाषन द्वारा अलर्ट जारी किया गया है. बारिश के चलते जिले की लखुंदर, कालीसिंध, कंठाल सहित सभी नदी नाले उफान पर हैं. हालांकि अभी जलभराव जैसी स्थिति देखने को नहीं मिली है.

दुर्ग की शिवनाथ नदी में 20 साल बाद आई जबरदस्त बाढ़

दुर्ग की शिवनाथ नदी ने 20 साल बाद एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है. उफनती शिवनाथ की जद में 40 से ज्यादा गांव आ गए हैं जिनका संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है तो वही दुर्ग राजनांदगांव मार्ग 20 साल बाद बंद हो चुका है. वहीं शिवनाथ के मुहाने पर बसे गांवों में 10 फीट तक पानी चल गया है जिसके कारण प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है.

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कैबिनेट मंत्री अरुण लगातार दौरे पर हैं अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं और जलमग्न हुए इलाकों में प्रभावितों को भोजन और उनका रुकवाने की व्यवस्था भी कर रहे हैं. तो वही लोगों का कहना है कि वे रात को सो रहे थे कि अचानक 2:00 से 3:00 बजे के बीच पानी चढ़ने लगा और उन्हें अपना सामान तक बांधने का मौका नहीं मिला क्योंकि अचानक से पानी नदी के ऊपर आ गया फिलहाल शहर में पानी पूरी तरह घुस चुका है तो वहीं 10 फीट तक पानी घरों के अंदर घुस गया है कई इलाके ऐसे भी है जहां बारिश के कारण लोग अब भी फंसे हैं.

राजगढ़ लगातार बारिश से नदी नाले उफान पर ब्यावरा नरसिंहगढ़ शहर में घुसा पानी

लगातार बारिश के कारण राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित ने सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की छुट्‌टी कर दी है। राजगढ़ के डैम मोहनपुरा, कुशलपुरा और कुंडालिया और छोटे डैम के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है.


शिव मंदिर पहुंचा शिवना नदी का पानी

मध्य प्रदेश के मंदसौर में बीते 24 घंटे में तकरीबन 4 इंच बारिश हुई है. इस बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है. शिवना नदी उफान पर है. शिवना नदी के किनारे ग्राम अलावदा खेड़ी के कुछ घरों तक पानी पहुंच चुका है. इसके बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले गांव के लोगों को ऊंची जगहों पर जाने की सलाह दी है.


नर्मदा नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ा महेश्वर घाट डूबा 

घाट क्षेत्र के मंदिर में आधे से ज्यादा तक पानी चढ़ गया है. बरसात में दूसरी बार महेश्वर किला गेट बंद किया गया है. लोगों को नर्मदा घाट इलाके जाने से प्रशासन मे मना कर दिया है.

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