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बाढ़, भुखमरी...मोजाम्बिक में क्यों आई आपदा? खाने को तरस रहे लोग

Mozambiques Floods:दक्षिण-पूर्वी अफ्रीकी देश मोजाम्बिक में इन दिनों हालात गंभीर हैं. बारिश के बाद आई बाढ़ से वहां भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है. आइए जानते हैं कि मोजाम्बिक में बाढ़ आने का कारण क्या है और स्थित इतनी गंभीर कैसे हुई.

बाढ़, भुखमरी...मोजाम्बिक में क्यों आई आपदा? खाने को तरस रहे लोग

मोजाम्बिक में आई बाढ़ के बाद हालात खराब हैं. (इमेज क्रेडिट AI) 
 

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  • मोजाम्बिक में बारिश के बाद आई बाढ़ से हालात खराब हो गए हैं 
  • फसलें नष्ट हो गईं हैं और भुखमरी जैसे हालात पैदा हो गए हैं
  • 680,540 एकड़ खेती योग्य जमीन बाढ़ से प्रभावित हुए है
  • इलाकों में बाढ़ के बाद खाद्य सामग्री की आपूर्ति प्रभावित है

Mozambiques Floods: दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका में स्थित देश मोजाम्बिक में इन दिनों स्थिति बद से बदतर है. बाढ़ के बाद वहां भुखमरी जैसे हालात हैं. दिसंबर 2025 के अंत से लेकर 2026 की शुरुआत तक बारिश के बाद आई बाढ़ ने कहर बरपाया है. फसलें नष्ट हो गई हैं और खेती पर निर्भर रहने वाले परिवारों के सामने गहरा संकट आ गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं और लोग आवागमन के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं. आइए जानते हैं कि मोजाम्बिक में आपदा आने का कारण क्या है. 

क्या है बाढ़ आने का कारण?

मोजाम्बिक दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका में हिंद महासागर के तट पर बसा है, जिस कारण यहां लगातार चक्रवात और मानसूनी तूफान आते रहते हैं. देश के कई निचले बारिश में पानी से भर जाते हैं.

लिम्पोपो और इनाकोमाती नदियों बारिश के कारण पानी बढ़ जाता है, जिससे कई इलाकों में भीषण बाढ़ आ जाती है. भौगोलिक स्थिति और जलवायु परिवर्तन के कारण यह देश अक्सर बाढ़ जैसी आपदाओं का सामना करता रहा है. 

क्यों हुए भुखमरी जैसे हालात?

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार बारिश के बाद आई बाढ़ से करीब 680,540 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जिस कारण लगभग 314,783 किसानों की आजीविका खतरे में पड़ गई है.

यहां की अधिकांश आबादी खेती पर निर्भर है. बाढ़ के काण फसलें नष्ट होने से देश में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो गए हैं. वहीं संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार बाढ़ के कारण कई प्रभावित क्षेत्रों में भोजन की आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं. 

बाढ़ का असर, बढ़ गईं कीमतें

लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में जलवायु परिवर्तन और खाद्य प्रणालियों के प्रोफेसर तफदजवानाशे मभाउधी के अनुसार, जब भी दक्षिणी अफ्रीकी क्षेत्र में बाढ़ या सूखा पड़ता है, तो आपूर्ति की कमी और खाद्य पदार्थों के आयात की उच्च लागत के कारण खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ जाती हैं.

जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. बाढ़ ने दक्षिणी और उत्तरी मोजाम्बिक को जोड़ने वाले प्रमुख सड़क मार्गों को बाधित कर दिया, जिससे ईंधन और वितरण लागत में बढ़ोतरी हुई. देश में गरीबी है और संसाधनों की कमी है, जो आपदा के समय हालात को और गंभीर बना देते हैं. 

कितनी है जनसंख्या?

संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक आंकड़ों के अनुसार मोजाम्बिक की अनुमानित कुल जनसंख्या लगभग 3.66 करोड़ है. 70 फीसदी से अधिक लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, बाकी शहरों में. यहां की अर्थव्यवस्था और व्यवसाय मुख्य रूप से कृषि, प्राकृतिक गैस, खनन और विनिर्माण पर आधारित हैं. यहां की 70% से अधिक आबादी खेती से जुड़ी है, जबकि देश का बड़ा राजस्व एल्युमीनियम, कोयला, प्राकृतिक गैस और कृषि उत्पादों के निर्यात से आता है.

किसकी खेती करते हैं लोग?

मोजाम्बिक में किसान मुख्य रूप से मक्का, कसावा, चावल, काजू और तंबाकू की खेती करते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों खेती केवल आय का स्रोत नहीं है, बल्कि यह परिवारों के लिए एक जीने का सहारा और उनकी रोजी-रोटी खेती पर निर्भर है. बाढ़ के कारण फसलें नष्ट हो गई और लोगों के सामने खाने का गहरा संकट खड़ा हो गया है. 
 

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