Advertisement

Morbi Bridge Collapse: अब तक 137 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Morbi: नए साल पर पुल खुलने के बाद चार दिनों में 12000 लोगों ने इस पुल का भ्रमण किया था. रविवार को हादसे वाले दिन पुल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.

Morbi Bridge Collapse: अब तक 137 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मोरबी में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: रविवार शाम गुजरात के मोरबी में हुए केबल ब्रिज हादसे में अभी तक 137 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. प्रशासन की रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है. रेस्क्यू ऑपरेशन में 170 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है. सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार, मोरबी में मच्छु नदी से शवों के निकलने का सिलसिला अभी भी जारी है.

चार दिन में 12 हजार लोगों ने किया विजट 
मोरबी में केबल ब्रिज नए साल के दिन खोला गया था. तब से लगातार इस पुल पर घूमने के लिए लोग आ रहे थे. पुल खुलने के बाद चार दिनों में 12 हजार लोगों ने इस पुल का भ्रमण किया था. दुर्घटना के समय पुल पर भारी संख्या में लोग जमा थे. 

पढ़ें- Morbi: विपक्ष हुआ हमलावर, याद दिलाई कोलकाता फ्लाईओवर हादसे पर पीएम मोदी की कही बात

पुल पर जाने का 17 रुपये था चार्ज
मोरबी स्थित केबल ब्रिज पर जाने के लिए लोगों से 17 रुपये चार्ज किए जाते थे. बच्चों का चार्ज 12 रुपये है. यह ब्रिज करीब 765 फीट लंबा है. कुछ ही दिन पहले इस पुल की मरम्मत की गई थी. तब से सबकुछ सही चल रहा था. रविवार का दिन होने की वजह से केबल ब्रिज पर घूमने आने वालों की संख्या हजारों में थी. हादसे वाले समय सैकड़ों लोग पुल पर मौजूद थे. अब सवाल उठ रहा है कि ब्रिज की कैपेसिटी से ज्यादा लोगों को उसपर क्यों जाने दिया गया.

पढ़ें- Morbi Accident के चश्मदीद का दावा- युवकों ने जानबूझकर हिलाया पुल और हो गया हादसा

एक सदी पुराना था पुल
न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह पुल करीब एक सदी पुराना था. मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य के बाद हाल ही में इसे जनता के लिए खोला गया था. अधिकारियों ने बताया कि हादसे के समय करीब साढ़े छह बजे   पुल पर भीड़ थी. 

पुल टूटते ही पानी में गिरे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अंग्रेजों के समय के इस "हैंगिंग ब्रिज" पर उस समय कई महिलाएं और बच्चे थे, जब वह टूट गया. इससे लोग नीचे पानी में गिर गए. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कुछ लोगों को पुल पर कूदते और उसके बड़े तारों को खींचते हुए देखा गया. उन्होंने बताया कि पुल गिरने के चलते लोग एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े.

प्राइवेट एजेंसी ने 6 महीने तक किया मरम्मत का काम
बताया जा रहा है कि एक प्राइवेट एजेंसी ने करीब छह महीने तक पुल की मरम्मत का काम किया था. पुल को 26 अक्टूबर को गुजराती नववर्ष दिवस पर जनता के लिए फिर से खोला गया था. मोरबी में हुए इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल सहित कई नेताओं ने दुख जताया है.

(PTI इनपुट के साथ)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement