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Monsoon Session: 2 साल में UAPA के तहत कितने लोग हुए गिरफ्तार, कितने दोषी? ये है केंद्र का जवाब

केंद्र सरकार के मुताबिक साल 2018 से 2020 के बीच यूएपीए के तहत सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां उत्तर प्रदेश में हुई हैं. विपक्ष अक्सर इस एक्ट को सत्ता का हथियार बताता रहा है. इस एक्ट की वैधता पर भी सवाल उठते रहे हैं.

Monsoon Session: 2 साल में UAPA के तहत कितने लोग हुए गिरफ्तार, कितने दोषी? ये है केंद्र का जवाब

केंद्र सरकार का सरकार ने राज्यसभा में पेश किए हैं आंकड़े.

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डीएनए हिंदी: हाल के दिनों में जिस अधिनियम पर नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) की सबसे ज्यादा आलोचना हुई है, वह अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA 1967) है. यह अधिनियम हमेशा विवादों के केंद्र में रहा है. सत्ता विरोधी सियासी पार्टियां और नागरिक अधिकार संगठन हमेशा कहते रहे हैं कि इस एक्ट का इस्तेमाल केंद्र सरकार किसी हथियार की तरह करती है. विपक्ष, प्रतिरोध की आवाज दबाने वाले एक्ट के तौर पर इसे पेश करता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस एक्ट के तहत कितने लोगों को जेल हुई है, कितने लोग दोषी ठहराए गए हैं? अगर नहीं तो हम आपको आंकड़ों के जरिए समझाते हैं.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) ने बुधवार को बताया कि 2018 से 2020 के बीच आतंकवाद विरोधी कानून 'यूएपीए' के तहत कुल 4,690 लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन तीन साल की अवधि में सिर्फ 149 को दोषी ठहराया गया था. 

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नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया कि 2020 में UAPA के तहत 1,321 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उस वर्ष 80 लोगों को दोषी ठहराया गया था.

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2019 में कितने गिरफ्तार, कितनों को सजा?

केंद्र सरकार (Modi Government) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में कहा कि साल 2019 में, यूएपीए के तहत 1,948 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उस वर्ष 34 लोगों को दोषी ठहराया गया था. साल 2018 में 1,421 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जबकि 35 लोगों को दोषी ठहराया गया था. 

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सबसे ज्यादा किन लोगों पर गिरी गाज?

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक नित्यानंद राय ने कहा कि 2018 और 2020 के बीच यूएपीए के तहत गिरफ्तार किए गए लोगों की सबसे अधिक संख्या 1,338 उत्तर प्रदेश में थी. उसके बाद मणिपुर में 943 और जम्मू-कश्मीर में 750 थी. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी लोगों में से 2,488 लोग 18-30 वर्ष की आयु वर्ग के थे और 1,850 लोग 30 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के थे.

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