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केसी विणुगोपाल ने कहा कि देशभर में पैरेंट्स अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. विपक्ष की मांग सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट और सीबीएसई की परीक्षा प्रणालियों पर चर्चा है.
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है. सोमवार (20 जुलाई, 2026) को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सरकार को अहंकार छोड़कर उनसे बात करनी चाहिए और संसद में भी नीट पेपर लीक के मामले पर चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संसद देश के बच्चों की है और किसी की जागीर नहीं है. ये बच्चे देश का भविष्य हैं.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े मुद्दों पर चर्चा करने से भाग रही है और छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं और उनकी पिटाई की जा रही है. प्रियंका गांधी ने कहा, 'कई समस्याएं, बड़े-बड़े मुद्दे हैं, उन पर चर्चा के लिए (सरकार) राजी नहीं है. बच्चों पर आंसू गैस के गोले दाग रहे हैं और उनकी पिटाई कर रहे हैं. किस लिए? ये बच्चे हैं हमारे.'
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सरकार पर हमला और लोगों की चिंताओं के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि देशभर में पैरेंट्स अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट और सीबीएसई की परीक्षा प्रणालियों पर चर्चा है.
केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से चंदा चोरी के मुद्दे ने भगवान राम के भक्तों की भावनाओं को आहत किया, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है और लोकसभा अध्यक्ष विपक्ष को इन्हें संसद में उठाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कहा कि नीट छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और प्रदर्शनकारियों के साथ उचित व्यवहार किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस का प्रयोग, लाठीचार्ज और पथराव कर रही है.
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारने के बजाय युवाओं पर सीधा हमला नहीं करना चाहिए और छात्रों की बात सुननी चाहिए.
सोमवार को सीजेपी ने संसद भवन मार्च निकाला और प्रदर्शन किया. जब प्रदर्शनकारी सुरक्षा बैरिकेड पार करने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल का प्रयोग किया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और लाठीचार्ज की भी खबरें हैं.
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