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मां के रास्ते पर हैं सुषमा स्वराज की बेटी? AAP पर हमला करके दिल्ली में पैर जमा रहीं बांसुरी स्वराज

Bansuri Swaraj BJP: सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज बीजेपी में अपनी मां की जगह लेने की कोशिश में भरसक कोशिश कर रही हैं और उन्हीं के रास्ते पर चल रही हैं.

मां के रास्ते पर हैं सुषमा स्वराज की बेटी? AAP पर हमला करके दिल्ली में पैर जमा रहीं बांसुरी स्वराज

Bansuri Swaraj

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डीएनए हिंदी: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता और देश की विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज अब इस दुनिया में नहीं हैं. अब उनकी बेटी बांसुरी स्वराज ठीक उन्हीं के पदचिह्नों पर चल रही हैं. राजनीति में आने से तेज तर्रार वकील रहीं सुषमा स्वराज की बेटी भी पेशे से वकील हैं. कुछ समय पहले ही औपचारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हुईं बांसुरी स्वराज इन दिनों खूब चर्चा में हैं. वह दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर हमलावर हैं. उनकी तुलना अपनी मां सुषमा स्वराज से इसलिए हो रही है कि वह भी दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी थीं और कुछ महीनों तक सरकार भी चलाई थी.

दिल्ली सर्विसेज बिल के मुद्दे पर बांसुरी स्वराज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करके AAP पर जमकर हमले बोले. बांसुरी स्वराज ने कहा, 'साल 2015 से AAP सरकार ने सिर्फ अपनी नाकामी का बहाना बनाया है. यह पूरी तरह से झगड़ालू और निकम्मी सरकार है. मैं राष्ट्रपति जी को बधाई देता हूं कि उन्होंने दिल्ली सर्विसेज बिल को पास कर दिया. अब क्योंकि यह बिल पास हो गया है तो दिल्ली का प्रशासन कानून के मुताबिक काम करेगा.'

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कौन हैं बांसुरी स्वराज?
इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक से अंग्रेजी में ग्रेजुएट बांसुरी ने लंदन के ही बीपीपी लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की है. बांसुरी स्वराज ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर्स डिग्री हासिल की है. 2007 से वकालत की शुरुआत करने वाली बांसुरी स्वराज अब सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं. इसी साल मार्च के महीने में सुषमा स्वराज को दिल्ली बीजेपी के विधि प्रकोष्ठ का सह संयोजक बनाया गया था.

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बांसुरी स्वराज की मां सुषमा स्वराज और पिता स्वराज कौशल भी पेशे से वकील ही रहे हैं. बांसुरी स्वराज कई हाई प्रोफाइल मामलों से जुड़ने की वजह से चर्चा में रही हैं. वह हरियाणा की अडिशनल एडवोकेट जनरल भी रह चुकी हैं. ललित मोदी के केस में वकीलों की टीम में शामिल होने के बाद सुषमा स्वराज ने भी सफाई दी थी और कहा था कि उनकी बेटी अपना काम चुनने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है.

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