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MCD Mayor Election: तीसरी बार भी नहीं हो सका MCD के मेयर का चुनाव, सुप्रीम कोर्ट जाएगी AAP

MCD Mayor Election: सदन में हंगाम की वजह से एमसीडी के मेयर का चुनाव तीसरी बार भी नहीं हो पाया और सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई.

MCD Mayor Election: तीसरी बार भी नहीं हो सका MCD के मेयर का चुनाव, सुप्रीम कोर्ट जाएगी AAP

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डीएनए हिंदी: दिल्ली नगर निगम को तीसरी बार में भी मेयर नहीं मिल पाया है. सोमवार को एमसीडी के सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा हो गया. हंगामा होने के चलचे मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समितियों के सदस्यों का चुनाव किए बिना है सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. इस मामले पर आम आदमी पार्टी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट जाएगी ताकि जल्द से जल्द मेयर का चुनाव करवाया जा सके.

AAP विधायक और पार्टी प्रवक्ता आतिशी ने कहा है कि उनकी पार्टी आज ही सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी, ताकि कोर्ट की निगरानी में मेयर का चुनाव करवाया जा सके. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पीठासीन अधिकारी ने मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए मनोनीत सदस्यों को भी मतदान करने की अनुमति दे दी. इसी को लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया और वोटिंग फिर से नहीं हो पाई. दिल्ली नगरपालिका सदन में पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने कहा, 'दिल्ली नगरपालिका के सदन की कार्यवाही अगली तारीख तक स्थगित की जाती है.'

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एल्डरमैन के वोट को लेकर हुआ विवाद
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सदन की कार्यवाही सोमवार को आधे घंटे की देरी के बाद करीब साढ़े 11 बजे शुरू हुई. इसके तुरंत बाद ही सत्या शर्मा ने घोषणा की कि मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव एक-साथ होंगे. उन्होंने कहा, 'इन चुनाव में 'एल्डरमैन' भी वोट कर सकते हैं.' इस घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने विरोध करना शुरू कर दिया. 

AAP के नेता मुकेश गोयल ने कहा कि ‘एल्डरमैन’ वोट नहीं दे सकते. इस पर शर्मा ने कहा, 'लोगों ने आपको यहां सेवा करने के लिए भेजा है, चुनाव होने दीजिए.' इससे पहले घोषणा को लेकर हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही थोड़ी देर के लिए स्थगित की गई थी. हालांकि, बाद में पीठासीन अधिकारी ने इसे अगली तारीख तक के लिए स्थगित कर दिया. दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 के तहत महापौर और उप महापौर का चुनाव नगर निकाय सदन की पहली बैठक में ही हो जाना चाहिए. हालांकि, नगर निकाय चुनाव हुए दो महीने का समय बीत चुका है लेकिन अब तक शहर को नया मेयर नहीं मिला है.

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पहले भी दो बार टले चुनाव
इससे पहले एमसीडी सदन की बैठक 6 जनवरी और 24 जनवरी को दो बार बुलाई गई थी, लेकिन बीजेपी और AAP के पार्षदों के हंगामे की वजह से पीठासीन अधिकारी ने चुनाव कराए बिना कार्यवाही स्थगित कर दी. पिछले साल 4 दिसंबर को हुए चुनाव के बाद 250 सदस्यीय निकाय के पहले सत्र में कोई कामकाज नहीं हो पाया था. दूसरे सत्र में नामांकित सदस्यों के शपथ लेने के बाद निर्वाचित पार्षदों ने शपथ ली, हालांकि इसके बाद पीठासीन अधिकारी एवं बीजेपी पार्षद सत्या शर्मा ने कार्यवाही को अगली तारीख के लिए स्थगित कर दिया. एमसीडी चुनाव में AAP 134 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी जबकि बीजेपी को 104 सीटों पर जीत मिली थी. कांग्रेस ने नौ सीटें जीती थीं.

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