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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित बच्चों को MBBS-BDS में मिलेगा आरक्षण, सरकार ने लिया बड़ा फैसला 

Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद प्रभावित बच्चों को इस फैसले से काफी फायदा होगा.

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित बच्चों को MBBS-BDS में मिलेगा आरक्षण, सरकार ने लिया बड़ा फैसला 

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पीड़ित बच्चों को एमबीबीएस और बीडीएस में आरक्षण दिया जाएगा.

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डीएनए हिंदीः जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंकवाद से प्रभावित बच्चों को सरकार ने बड़ी राहत दी है. इन बच्चों को MBBS और BDS कोर्स में आरक्षण दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल इंट्रेंस एग्जामिनेशन की ओर से इसके लिए आदेश भी जारी कर दिया गया है. इसके मुताबिक आतंकवाद से प्रभावित छात्र-छात्राओं को केंद्रीय पूल सिस्टम के हिसाब से आरक्षण मिलेगा. हालांकि छात्रों को इसके लिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करना जरूरी होगा. आवेदन करने वालों का मेरिट के आधार पर दाखिल किया जाएगा. इसके लिए 11 नवंबर से आवेदन शुरू हो जाएंगे. 

किसे मिलेगा आरक्षण का फायदा
सरकार की ओर से आरक्षण को लेकर गाइडलाइन भी तय की जा चुकी है. आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को दिया जाएगा जो जम्मू-कश्मीर से स्थाई निवासी होंगे. इशके अलावा वहीं प्रतिनियुक्ति पर गए सरकारी कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा. उनके बच्चों को भी आरक्षण का लाभ दिया जाएगा. उम्मीदवारों का चयन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में उनके प्रदर्शन के अनुसार किया जाएगा. इसमें जिन बच्चों के माता-पिता दोनों को आतंकवादियों ने मार डाला है, वे प्राथमिकता 1 के तहत आएंगे. वहीं उन परिवारों के बच्चे जिनमें एकमात्र कमाने वाले शख्स को आतंकवादियों द्वारा मारा गया हो प्राथमिकता 2 के तहत होंगे और आतंकवादी अभियानों के कारण स्थायी विकलांगता और गंभीर चोट वाले पीड़ितों के बच्चे प्राथमिकता 3 के तहत होंगे.  

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बता दें कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के कारण निवासियों को कई परेशानियों को झेलना पड़ा है. पिछले काफी समय से प्रभावित बच्चों को आरक्षण देने की मांग की जा रही थी. अब सरकार ने इसे पूरा कर दिया है. जम्मू के जिला डोडा, रामबन, किशतवाड, ऊधमपुर और राजौरी व पुंछ में कई ऐसी घटनाएं हो चुकी है जहां आतंकवाद के कारण लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी हो. कश्मीर में भी अनंतनाग और शापियां सबसे प्रभावित जिलों में से एक हैं. पुलिस के कई जवान समेत राज्य कर्मचारियों को आतंकवाद का शिकार होना पड़ा है. ऐसे में सरकार के इस फैसले से प्रभावितों को मदद मिलेगी. 

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