भारत
कोहरे और प्रदूषण से घटती विजिबिलिटी को देखते हुए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक एक्सप्रेस-वे और प्रमुख सड़कों पर वाहनों की स्पीड लिमिट कम कर दी है.
उत्तर भारत में सर्दी के साथ ही कोहरा और धुंध लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को मुश्किल बना रहे हैं. खासकर सुबह और देर रात सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है. ऐसे हालात में सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. इसी वजह से गौतमबुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस ने एहतियाती कदम उठाते हुए नोएडा और आसपास के एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति सीमा अस्थायी रूप से घटाने का फैसला किया है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सर्दियों की दस्तक के साथ ही कोहरे का असर दिखने लगा है. बीते कुछ दिनों से सुबह के समय सड़कों पर आगे देख पाना मुश्किल हो रहा है. शनिवार सुबह घने कोहरे के कारण कई इलाकों में वाहन धीमी रफ्तार से चलते नजर आए.
दरअसल, इसी स्थिति को देखते हुए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्पीड लिमिट में बदलाव किया है. ट्रैफिक पुलिस के अनुसार यह अस्थायी व्यवस्था 15 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी. इस दौरान जिले के प्रमुख एक्सप्रेस-वे और मुख्य सड़कों पर वाहनों की गति नियंत्रित की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि कोहरे के कारण अचानक ब्रेक लगाने और आपस में टकराने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिन्हें रोकने के लिए यह फैसला जरूरी था.
यमुना एक्सप्रेस-वे पर अब हल्के वाहन जैसे कार और वैन तय सीमा से तेज नहीं चल सकेंगे. इनकी अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है. वहीं बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. नोएडा–ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर भी नियम सख्त किए गए हैं. यहां हल्के वाहनों को 75 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की अनुमति होगी, जबकि भारी वाहन 50 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा तेज नहीं जा सकेंगे. इसके अलावा नोएडा एलिवेटेड रोड पर हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है.
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इस बीच दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण भी चिंता का कारण बना हुआ है. कई इलाकों में AQI बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है. प्रदूषण और कोहरे की वजह से विजिबिलिटी और कम हो जाती है. ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि सीमित रफ्तार, सही लाइट का इस्तेमाल और नियमों का पालन करने से हादसों को काफी हद तक टाला जा सकता है. वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे जल्दबाजी न करें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें.
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