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Manipur Violence: हिंसा की आग में फिर धधका मणिपुर, कुकी समुदाय और सुरक्षाकर्मियों की मुठभेड़ में 67 घायल 

Manipur Violence: मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में धधक रहा है. शनिवार को कुकी समुदाय के प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ में 67 लोग घायल हो गए हैं और एक मौत की पुष्टि हुई है. 

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Manipur Violence: हिंसा की आग में फिर धधका मणिपुर, कुकी समुदाय और सुरक्षाकर्मियों की मुठभेड़ में 67 घायल 

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा 

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मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद शनिवार को एक बार फिर हिंसा भड़क गई है. पिछले 4 महीने से प्रदेश में व्यवस्था नियंत्रण में आती नजर आ रही थी. हालांकि, केंद्र सरकार के फ्री मूवमेंट फैसले के आने के बाद से राज्य फिर से हिंसा की आग में धधक रहा है. इस फैसले के विरोध में कुकी समुदाय के लोग सड़कों पर उतर गए हैं. सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई झड़प में 27 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं. इनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है. 40 अन्य लोगों के भी घायल होने की सूचना है और इसमें से 10 की हालत गंभीर है. 4 महीने बाद प्रदेश में फिर से बड़े पैमाने पर हिंसा की घटना हुई है. 

फ्री मूवमेंट का विरोध कर रहे हैं प्रदर्शनकारी 

बता दें कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए फ्री मूवमेंट फैसला लिया गया है. शनिवार को यह फैसला लागू होना था और इसके तहत इंफाल से सेनापति जिले तक एक बस जा रही थी. इस बस को कांगपोकपी में कुकी प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया. कांगपोकपी कुकी बहुल इलाका है. प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सुरक्षाकर्मी जब एक्शन ले रहे थे, तो बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की गई. इसके बाद बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क गई. कुकी समुदाय केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में सड़कों पर है और कई जिले में तनाव फिर से नजर आ रहा है.


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पहाड़ी जिलों को बंद करने का ऐलान, सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी 

मणिपुर पुलिस की ओर से दी जानकारी के मुताबिक, हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर हैं और इनमें बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, 'कांगपोकपी जिले में भीड़ ने पथराव किया और राष्ट्रीय राजमार्ग को रोकने की भी कोशिश की गई है.' दूसरी ओर कुकी-जो काउंसिल (KJC) ने शनिवार को हुई हिंसा के बाद बयान जारी किया है. काउंसिल ने कहा कि सभी पहाड़ी जिलों में अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया जाता है. काउंसिल का कहना है कि मैतेयी लोगों को जबरन कुकी बहुल इलाके में घुसाने के सरकार के फैसले का विरोध जारी रहेगा. पर्याप्त चतावनी के बावजूद सरकार की हालिया कार्रवाई की वजह से इलाके में भारी तनाव है.


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