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Manipur Violence: मणिपुर में पिछले दो साल से हिंसा का दौर जारी है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का कहना है कि यह 75 साल पुरानी समस्या है. इसके पीछे तीनों समुदायों का एक दूसरे पर अविश्वास है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मणिपुर में जारी संघर्ष (Manipur Violence) पर कहा कि केंद्र की मोदी सरकार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए काम कर रही है. यह आज की नहीं बल्कि 75 साल पुरानी समस्या है. उन्होंने कहा कि नागा, कुकी और मैतेयी समुदायों के बीच वैसा विश्वास नहीं है जैसा होना चाहिए. इन तीनों समुदाय को एक साथ एक टेबल पर लाना भी मुश्किल है. ये एक साथ बात करने के लिए तैयार नहीं होते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार इस स्थिति को गंभीरता से समझती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास कर रही है.
मणिपुर की समस्या पर बोलते हुए असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि यह समस्या कोई आज की नहीं है. इसके लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है. पिछले 75 साल से मणिपुर की समस्या है और यह छोटा मोटा विवाद नहीं है. जैसे असम की समस्या को खत्म होने में तीन दशक से ज्यादा का वक्त लग गया है, वैसे ही मणिपुर की समस्या का स्थायी समाधान ढूंढ़ने में वक्त लगेगा. आप नागा, कुकी और मैतेयी समुदाय के लोगों से बात करके देखिए. इन्हें बात करने के लिए भी एक टेबल पर लाना आसान काम नहीं है. 75 सालों से इनके बीच में अविश्वास का माहौल बना है.
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बीजेपी नेता और असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि कुकी और मैतेयी समुदाय के लोग साथ में रहते हैं. इनके बीच में 75 सालों में वह आत्मविश्वास और अपनापन नहीं पनप सका है. मैतेयी आदिवासी नहीं हैं और कुकी समुदाय आदिवासी है. कुकी इंफाल में जमीन खरीद सकते हैं, लेकिन मैतेयी नहीं खरीद सकते हैं. यह एक जटिल राजनीतिक-सामाजिक समस्या है. मोदी सरकार इसके स्थायी समाधान के लिए काम कर रही है. उम्मीद है कि इस समस्या का स्थायी हल निकलेगा.
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