भारत
सचिन कुर्मी की 4 अक्टूबर 2024 की रात भायखला की म्हाडा कॉलोनी में तेज धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी. कुर्मी एनसीपी के दिग्गज नेता छगन भुजबल के करीबी माने जाते थे.
महाराष्ट्र सरकार ने एनसीपी नेता सचिन कुर्मी की हत्या के केस की जांच लिए SIT जांच की घोषणा की है. कुर्मी की हत्या के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है. गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधान परिषद में इस मामले की जांच विशेष जांच दल से कराने का ऐलान किया है. यह निर्णय तब लिया गया जब कुर्मी के परिवार ने पुलिस प्रशासन पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया. विपक्ष दोनों ने भी इस मुद्दे को सदन में गंभीरता से उठाया.
गृहराज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया कि अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इस हत्या के पीछे पैसे के लेनदेन का मामला था.
मंत्री ने कहा कि अन्य जिनके नाम सामने आए हैं, उन्हें अभी तक औपचारिक रूप से आरोपी नहीं बनाया गया है. लेकिन कोई भी बख्शा नहीं जाएगा. सीडीआर रिपोर्ट सहित सभी तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी.
सचिन कुर्मी के परिजनों का आरोप है कि हत्या के पीछे शामिल मुख्य साजिशकर्ता आज भी गिरफ्तारी से बाहर हैं. उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है. परिजनों ने पुलिस पर जानबूझकर लापरवाही बरतने और सबूतों को छिपाने का आरोप लगाया.
हत्या से पहले दी गई थी धमकी
विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने सदन में आरोप लगाया कि सचिन कुर्मी को हत्या से पहले "ऊपर भेज देने" की धमकी दी गई थी. उन्होंने पूछा कि जब पुलिस अधिकारियों को उसी दिन फोन कॉल्स आए थे, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने मामले में राजनीतिक दुश्मनी की आशंका भी जताई.
एमएलसी पंकज भुजबल ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपियों की न तो जांच की गई है और न ही उनकी सीडीआर रिपोर्ट निकाली गई. उन्होंने कहा कि कुर्मी के बेटे को कॉलेज जाते समय धमकाया गया और पुलिस प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में है.
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि सचिन कुर्मी की 4 अक्टूबर 2024 की रात भायखला की म्हाडा कॉलोनी में तेज धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी. वे छगन भुजबल के करीबी माने जाते थे. जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो वे खून से लथपथ हालत मिला. उन्हें जे.जे. अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई.
(With IANS input)
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.