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Maharashtra Cabinet Expansion: कोल्हापुर की कागल सीट पर साल 1999 में हसन मुश्रीफ ने पहली बार जीत दर्ज की थी. उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता सदाशिव मंडलिक को हराया था.
महाराष्ट्र में रविवार को देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट (Maharashtra Cabinet Expansion) का विस्तार हो गया. नागपुर में हुए शपथ ग्रहण समारोह में महायुति गठबंधन के बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के 39 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. इनमें हसन मुश्रीफ (Hasan Mushrif) का नाम भी शामिल है. महायुति सरकार में वह इकलौते मुस्लिम विधायक हैं, जो मंत्री बने हैं.
अजित पवार की NCP के नेता हसन मुश्रीफ कोल्हापुर जिले की कागल सीट से विधायक हैं. वह इस सीट से 6वीं बार विधायक चुने गए हैं. वह इससे पहले शरद पवार के करीबी नेता माने जाते थे. लेकिन एनसीपी के दो फाड़ होने के बाद हसन मुश्रीफ भी अजित गुट के साथ आ गए थे.
हसन मुश्रीफ पर अजित पवार ने फिर जताया विश्वास
हसन मुश्रीफ ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री रह चुके हैं. वह NCP के उन 8 बागियों विधायकों में शामिल थे, जिन्हें अजित के साथ पिछली बार मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी. मुश्रीफ एनसीपी के दिग्गज नेताओं में से एक माने जाते हैं. उन्होंने शरद पवार के गढ़ कोल्हापुर में अजित गुट की एनसीपी को आगे बढ़ाने का काम किया है. यही वजह है कि अजित पवार ने इस मुस्लिम चेहरे पर फिर से विश्वास जताया और अपने साथ मंत्रिमंडल में शामिल किया.
कोल्हापुर की कागल सीट पर साल 1999 में हसन मुश्रीफ ने पहली बार जीत दर्ज की थी. उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता सदाशिव मंडलिक को हराया था. मुश्रीफ इस जीत के बाद किसी नेता को इस सीट पर टिकने नहीं दिया. वह लगातार यहां से 6 बार विधायक चुने गए हैं. इस जीत की वजह से जमीनी स्तर पर पकड़ और विकास कार्यों का श्रेय जाता है.
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