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बिलख-बिलख कर रोईं महाकुंभ की 'सुंदर साध्वी' हर्षा रिछारिया, कहा-'आनंद स्वरूप को पाप लगेगा, जल्द उत्तराखंड चली जाऊंगी'

प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में लाखों श्रद्धालुओं का जाना हो रहा है. इस बार का महाकुंभ कई अनोखे विवादों का गवाह भी बन रहा है. इसी कड़ी में साध्वी हर्षा रिछारिया ने गंभीर आरोप लगाए हैं और वे बिलख-बिलख कर रोई हैं.

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बिलख-बिलख कर रोईं महाकुंभ की 'सुंदर साध्वी' हर्षा रिछारिया, कहा-'आनंद स्वरूप को पाप लगेगा, जल्द उत्तराखंड चली जाऊंगी'
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आस्था का महासंगम महाकुंभ इस बार कई बाबाओं और साध्वियों की वजह से आकर्षण का केंद्र बन रहा है. लाखों श्रद्धालु यहां आस्था का भाव लेकर जा रहे हैं तो वहीं आस्था और आध्यात्म का सबसे बड़ा संगम प्रयागराज महाकुंभ इस बार अनोखे विवाद का भी गवाह बन रहा है. महाकुंभ में पहुंचीं एंकर और मॉडल रह चुकीं साध्वी हर्षा रिछारिया इन दिनों इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही हैं. हर्षा से संत समाज नाराज है. वे इंटरनेट पर भी खूब ट्रोल की जा रही हैं, ऐसे में हर्षा परेशान होकर रो पड़ीं. उन्होंने कहा वे एक टेंट में बंद होकर रह गईं. उन्होंने रोते हुए कहा- 'आनंद स्वरूप जी महाराज को पाप लगेगा.'

क्यों रोईं हर्षा रिछारिया
बता दें, हर्षा रिछारिया ने महाकुंभ में भगवा वस्त्र और शाही रथ पर सवारी करके एंट्री ली थी. उनके इस कृत्य से संत समाज के कई बड़े धर्माचार्य नाराज हो गए. बेंगलुरु के शाकंभरी मठ के पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप जी ने इसे धर्म के खिलाफ बताया और कहा कि महिला मॉडल को भगवान वस्त्र पहनाकर शामिल करना गलत है. ये महाकुंभ की परंपराओं और सनातन धर्म का मजाक है.  स्वामी आनंद स्वरूप का मानना है कि हर्षा को को एक भक्त के रूप में शामिल किया जा सकता था लेकिन भगवा वस्त्र पहनाकर और शाही रथ पर बैठाना गलत है. उन्होंने कहा कि ये आयोजन आध्यात्मिक का प्रतीक है. यहां चेहरे की नहीं हृदय की सुंदरता देखी जाती है. यह मार्केटिंग का इवेंट नहीं है. 

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मुझे बदनाम करने की कोशिश- हर्षा
बता दें, हर्षा रिछारिया ने निरंजनी अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि से दीक्षा ली थी. इसके बाद महाकुंभ में पहुंची और यहां अब विवादों के घेरे में घिर गई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वे तीन दिन में महाकुंभ छोड़कर उत्तराखंड चली जाएंगी. उनका कहना है कि वे लोगों के आरोपों से परेशान हो गई हैं और महाकुंभ छोड़कर चली जाएंगी. उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ एक शिष्या हूं और अपने गुरुदेव के सानिध्य में महाकुंभ को समझने आई थी. लेकिन यहां मुझे बदनाम किया जा रहा है. इस बार महाकुंभ में हो रहे विवादों को देखते हुए धर्माचार्यों ने इस विवाद को सुलझाने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है.

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