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मध्य प्रदेश में एक बार फिर सियासी बयानबाजी सुर्खियों में है. अब उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के बयान से विवाद गहराता जा रहा है. जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम देवड़ा ने ऐसा बयान दे दिया, जिसे लेकर विपक्ष और रक्षा विशेषज्ञों में नाराजगी देखी जा रही है.
MP News: ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार देश में नेताओं की बयानबाजी का दौर जारी है. बीते दिनों ही कर्नल सोफिया कुरेशी पर विवादित बयान देकर चर्चा में आए मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह लगातार सवालों के घेरे में हैं. यह विवाद अभी थमा भी नहीं था कि मध्य प्रदेश में एक बार फिर सियासी बयानबाजी सुर्खियों में है. अब उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के बयान से विवाद गहराता जा रहा है. जबलपुर में सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम देवड़ा ने ऐसा बयान दे दिया, जिसे लेकर विपक्ष और रक्षा विशेषज्ञों में नाराजगी देखी जा रही है. सियासी गलियारों में इसे लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या देश की सेना को राजनीति में घसीटा जा रहा है?
देवड़ा ने अपने भाषण में कहा, 'जिन आतंकियों ने हमारी बहनों के सिंदूर मिटाए हैं, जब तक उन्हें और उनके मददगारों को जड़ से खत्म नहीं कर देते, चैन से नहीं बैठेंगे.' इसके बाद उन्होंने कहा, 'पूरा देश और सेना प्रधानमंत्री मोदी के चरणों में नतमस्तक है.' साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी ने जो साहसिक फैसला लिया, उससे आतंकियों के ठिकानों को खत्म किया गया और देश को सुरक्षा का अहसास हुआ.
भाजपाइयों में होड़ मची है, देश की सेना के अपमान की!
— MP Congress (@INCMP) May 16, 2025
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मोदी के चरणों में सेना को नतमस्तक बता रहे हैं!
मोदी की चरण वंदना में भारतीय सेना का यह अपमान असहनीय है। भाजपा को अपने बदजुबान मंत्रियों को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए! pic.twitter.com/UMCY3Rs03n
उनकी इस टिप्पणी पर विपक्षी दलों और कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि डिप्टी सीएम ने सेना की भूमिका को नजरअंदाज करते हुए पूरी कामयाबी प्रधानमंत्री को दे दी. इससे यह संदेश गया कि सैनिकों की बहादुरी को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, जो देश की रक्षा करने वालों का अपमान है. कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि देश की सेना का गौरव राजनीतिक लाभ के लिए नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए. कुछ सैन्य विशेषज्ञों ने भी यह चिंता जताई कि नेताओं को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए. फिलहाल डिप्टी सीएम देवड़ा की ओर से कोई सफाई नहीं दी गई है, लेकिन मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है.
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