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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो रहे थे, उन्हें कई बार समन भेजा गया. इसको लेकर अब ACJM कोर्ट ने जुर्माना लगाया है.
उत्तर प्रदेश के लखनऊ की एक अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया है. एसीजेएम कोर्ट ने राहुल गांधी पर यह कार्रवाई वीर सावरकर पर की गई टिप्पणी को लेकर की है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष इस मामले में कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो रहे थे, उन्हें कई बार समन भी भेजा गया. अब अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कोर्ट ने लगातार पेशी से गायब रहने के लिए जुर्माना ठोका है.
कोर्ट ने राहुल गांधी को 14 अप्रैल 2025 को हर हार में पेश होने का आदेश भी जारी किया है. एसीजीएम कोर्ट ने कहा कि अगर वह इस तारीख को पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, यह 3 साल पहले का मामला है. शिकायतकर्ता वकील नृपेंद्र पांडेय ने आरोप लगाया कि 17 दिसंबर, 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए राहुल गांधी ने वीर सावरकर को 'अंग्रेजों का नौकर' और पेंशन लेने वाला कहा था. इस टिप्पणी को लेकर पांडेय ने लखनऊ की अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने धारा 156 (3) दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) के तहत नेता प्रतिपक्ष कार्रवाई करने की मांग की थी.
एसीजेएम ने इस मामले में राहुल गांधी को कई समन भेजे थे, लेकिन वह व्यक्तिगत रूप पेश नहीं हुए. कोर्ट ने हाजिरी माफी के लिए 200 रुपये का फाइन लगाया है. 200 रुपये का यह जुर्माना राहुल गांधी को वादी वकील नृपेंद्र पांडेय को देने होंगे.
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कुलियों की अधिकारों के लिए लड़ूंगा
इस बीच दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ को लेकर राहुल गांधी का बयान सामने आया है. राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि स्टेशन पर भगदड़ के दौरान कुलियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की मददी की थी. सरकार को उनकी सराहना करने की बजाय उनकी आवाज भी नहीं सुन रही. उन्होंने यह भी कहा कि वह उनकी मांगें सरकार के समक्ष रखेंगे और उनके अधिकारों के लिए पूरी ताकत से लड़ेंगे.
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