भारत
बीते दिनों L&T कंपनी के मालिक के बयान के बाद देश भर में कर्मचारियों के काम घंटों पर बहस छिड़ गई है. इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एल एंड टी कंपनी के कर्मचारियों ने बैड वर्क लाइफ बैलेंस की बात कही है.
L&T employees on Glassdoor: ग्लासडोर एक प्रसिद्ध कंपनी है, जहां वर्किंग प्रोफेशनल्स अपनी कंपनी को रेट करते हैं और कंपनी को लेकर रिव्यूज देते हैं. कर्मचारी अपनी पहचान छुपाकर इस प्लेटफॉर्म पर अपनी कंपनी को रेट कर सकता है. कई अन्य कंपनियों की तरह लार्सन एंड टुब्रो कंपनी के कर्मचारियों ने अपने रिव्यूज शेयर किए. कई कर्मचारियों ने 'वर्क लाइफ बैलेंस' के बारे में बताया.
कैसे अनुभव लोगों ने साझा किये?
9 जनवरी को साझा की गई हालिया समीक्षा में कहा गया, कंपनी में कोई वर्क लाइफ बैलेंस नहीं है. ऑफिस पॉलिटिक्स बहुत चलती है. एक अन्य ने 7 जनवरी को लिखा- सैलरी बहुत कम है और वर्क लाइफ बैलेंस नहीं है. तीसरे कर्मचारी ने 5 जनवरी को लिखा-इस कंपनी में जीरो वर्क लाइफ बैलेंस है. बाकियों ने वर्क लाइफ बैलेंस की बात कही. कंपनी में कार्य संतुलन की बात आज से नहीं बल्कि 2017 में लिखी गई थी. तब से वर्क लाइफ बैलेंस कंपनी में एक कमजोरी के तरौ पर बताया जा रहा है.
कैसे शुरू हुआ विवाद
यह हालिया टिप्पणी लार्सन एंड टुब्रो के चेयरमैन एस.एन. सुब्रह्मण्यन की विवादास्पद टिप्पणी के बीच आई है, जिसमें उन्होंने सप्ताह में 90 घंटे काम करने की बात कही थी और कहा था कि उन्हें अपने कर्मचारियों से रविवार को काम न करा पाने का अफसोस है.
क्या थी एस.एन. सुब्रह्मण्यन की टिप्पणी?
मल्टी-बिलियन डॉलर कंपनी के चेयरमैन एस.एन. सुब्रह्मण्यन का एक वीडियो रेडिट पर वायरल हुआ जिसमें उन्होंने कहा, 'मुझे खेद है कि मैं आपको रविवार को काम नहीं करवा सकता. अगर मैं आपको रविवार को काम करवा सकता हूं, तो मुझे ज़्यादा खुशी होगी, क्योंकि मैं रविवार को काम करता हूं.' आप घर में बैठकर क्या करेंगे. आप अपनी वाइफ को कितनी देर निहार सकते हैं? ऑफिस आएं और काम करें.
यह भी पढ़ें - 'गलत समझा गया..,' L&T चेयरमैन के '90 घंटे काम' वाले बयान पर अब कंपनी की HR ने किया बचाव, पढ़ें पूरी बात
उन्होंने एक चीनी व्यक्ति के साथ अपनी बातचीत भी साझा की, जिसमें दावा किया था कि चीन अमेरिका को हरा सकता है. जब उनसे पूछा गया कि ऐसा क्यों है, तो उन्होंने कहा कि इस एशियाई देश में कर्मचारी सप्ताह में 90 घंटे काम करती हैं, जबकि अमेरिकी 50 घंटे काम करते हैं.
ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.