Advertisement

Ban on Unparliamentary words: पक्ष-विपक्ष के नेताओं के तीखे हमलों पर संसद गंभीर, इन शब्दों पर लगाया गया बैन, पढ़ें पूरी लिस्ट

Parliament Monsoon Session: संसद में जुमलाजीवी, बाल बुद्धि सांसद, शकुनी, जयचंद, लॉलीपॉप, चाण्डाल चौकड़ी, गुल खिलाए, पिठ्ठू जैसे शब्द शामिल किए गए हैं. वहीं नए नियमों के मुताबिक गद्दार, घड़ियाली आंसू, जयचंद, शकुनी, भ्रष्ट जैसे कई शब्दों और मुहावरों पर रोक लगा दी गई है. 

Ban on Unparliamentary words: पक्ष-विपक्ष के नेताओं के तीखे हमलों पर संसद गंभीर, इन शब्दों पर लगाया गया बैन, पढ़ें पूरी लिस्ट

संसद का शीतकालीन सत्र समय से पहले खत्म हो सकता है.

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः संसद (Parliament) की कार्यवाही के दौरान अब सांसद बाल बुद्धि सांसद, जुमलाजीवी, शकुनी, जयचंद, लॉलीपॉप जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. अगर कोई सांसद ऐसा करता है तो वह अमर्यादित शब्द कहलाए जाएंगे. ऐसे शब्दों को संसद का कार्यवाही से बाहर कर दिया जाएगा. लोकसभा (Loksabha) सचिवालय की ओर से  ‘असंसदीय शब्द 2021’ की लिस्ट जारी की गई है. इसमें कई शब्दों को शामिल किया जाता है तो संसद में राजनीतिक दल एक-दूसरे पर तीखे हमले करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. अब इन शब्दों को ‘असंसदीय अभिव्यक्ति’ की श्रेणी में रखा गया है. 

मानसून सत्र से पहले लिया फैसला
बता दें कि संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो रहा है. इससे पहले यह फैसला लिया गया है. अब इन शब्दों का इस्तेमाल संसद की कार्यवाही के दौरान नहीं किया जा सकेगा. हालांकि विपक्षी दलों की ओर से इसे लेकर आपत्ति दर्ज की गई है. टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि मैं इन शब्दों का इस्तेमाल करूंगा, आप मुझे निलंबित कर दीजिए. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'कुछ ही दिनों में संसद का सत्र शुरू होने वाला है. सांसदों पर पाबंदी लगाने वाला आदेश जारी किया गया है. अब हमें संसद में भाषण देते समय इन बुनियादी शब्दों का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. शर्म आनी चाहिए, दुर्व्यवहार किया, धोखा दिया, भ्रष्ट, पाखंड, अक्षम. मैं इन शब्दों का इस्तेमाल करूंगा. मुझे निलंबित कर दीजिए. लोकतंत्र के लिए लड़ाई लडूंगा.'

ये भी पढ़ेंः कुमार विश्वास को अब मिलेगी Y+ कैटेगरी की सुरक्षा, 24 घंटे तैनात रहेंगे CRPF के इतने कमांडो

लिस्ट में कौन-कौन से शब्द शामिल 
इस लिस्ट में जुमलाजीवी, बाल बुद्धि सांसद, शकुनी, जयचंद, लॉलीपॉप, चाण्डाल चौकड़ी, गुल खिलाए, पिठ्ठू जैसे शब्द शामिल किए गए हैं. वहीं नए नियमों के मुताबिक गद्दार, घड़ियाली आंसू, जयचंद, शकुनी, भ्रष्ट जैसे कई शब्दों और मुहावरों पर रोक लगा दी गई है. इस लिस्ट में कमीना, काला सत्र, दलाल, खून की खेती, चिलम लेना, छोकरा, कोयला चोर, गोरू चोर, चरस पीते हैं, सांड जैसे शब्द शामिल हैं. इसके साथ ही अंग्रेजी के भी कुछ शब्दों को इसमें जगह दी गई है. जिनमें ‘ आई विल कर्स यू’, बिटेन विद शू’, बिट्रेड, ब्लडशेड, चिटेड, शेडिंग क्रोकोडाइल टियर्स, डंकी, गून्स, माफिया, रबिश, स्नेक चार्मर, टाउट, ट्रेटर, विच डाक्टर आदि शमिल हैं. 

ये भी पढ़ेंः प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल, AIMPLB ने दी ये चुनौती

राज्य विधानसभाओं से भी हटे अमर्यादित शब्द
संसद ही नहीं कई राज्य सभाओं से भी असंसदीय शब्दों को हटाया गया है. पिछले दिनों छत्तीसगढ़ विधानसभा में कार्यवाही से हटाए गए कुछ शब्द या वाक्यों को भी रखा गया है. इनमें बॉब कट हेयर, गरियाना, अंट-शंट, उच्चके, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे आदि शामिल हैं. इतना ही नहीं राजस्थान विधानसभा भी कांव कांव करना, तलवे चाटना, तड़ीपार, तुर्रम खां जैसे शब्दों को विधानसभा की कार्यवाही से हटा चुकी है.  

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों (Latest News) पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में (Hindi News) पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement