Advertisement

बिहार में कहर बनकर टूट रही आकाशीय बिजली, 24 घंटे में 21 की मौत, डरा देंगे 7 साल के आंकड़े

Bihar Thunderstorm: बिहार में हर साल आकाशीय बिजली लोगों पर कहर बनकर टूटती है. इस साल अब तक 70 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. बीते 7 साल की बात करें तो चौंकाने वाला आंकड़े हैं.

Latest News
बिहार में कहर बनकर टूट रही आकाशीय बिजली, 24 घंटे में 21 की मौत, डरा देंगे 7 साल के आंकड़े

Bihar thunderstorm 

Add DNA as a Preferred Source

बिहार के 12 जिलों में पिछले 24 घंटे में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 21 लोगों की मौत हो गई. वहीं, दर्जनों लोग गंभीर रूप से झुलस गए. मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से मधुबनी में सबसे ज्यादा 6 लोगों की जान चली गई. वहीं औरंगाबाद में चार लोगों की मौत हो गई. सीएम नीतीश कुमार ने मृतकों के परजिनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है.

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में वज्रपात से मधुबनी जिले में छह लोगों की मौत हो गई. जबकि औरंगाबाद में 4 और पटना में 2 लोगों ने अपनी जान गंवाई. इसके अलावा रोहतास, भोजपुर, जहानाबाद, सारण, कैमूर, गोपालगंज, लखीसराय, मधेपुरा और सुपौल में एक-एक व्यक्ति की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हुई. इन घटनाओं पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.

सीएम नीतीश ने कहा, 'आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं. मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं. सभी लोग खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें. खराब मौसम में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी सुझावों का अनुपालन करें. खराब मौसम में घरों में रहें और सुरक्षित रहें.'

बता दें कि इससे पहले 6 जुलाई को बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई थी. राज्य में कई जिलों में पिछले 24 घंटे से बारिश हो रही है. इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं.


यह भी पढ़ें- 25 जून को मनाया जाएगा 'संविधान हत्या दिवस', केंद्र सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन


7 साल में 1800 की मौत
बिहार में हर साल आकाशीय बिजली लोगों पर कहर बनकर टूटती है. इस साल अब तक 70 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. बताया जाता है कि वज्रपात की ज्यादा घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में होती हैं. ज्यादातर खेत मे काम करने के लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आ जाते हैं. राज्य में पिछले 7 सालों यानी 2018 से अब तक आकाशीय बिजली गिरने से 1800 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. इसमें इस साल हुई 70 मौतें भी शामिल हैं.

जानकारी के मुताबिक, 2016 में 114, 2017 में 180, 2018 में 139, 2019 में 253, 2020 में 459 और 2021 में 280 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद 2022 में 400 और 2023 में 242 लोगों ने जान गंवाई. यह हादसे जमुई, गया, बांका, औरंगाबाद, नवादा, पूर्वी चंपारण, छपरा, कटिहार, रोहतास, भागलपुर और बक्सर जिले में हुए.

ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement