Advertisement

Raksha Bandhan: राजस्थान में अनूठा रक्षा बंधन, महिला ने बांधी मरते हुए लेपर्ड को राखी

अपने भाइयों को राखी बांधने जा रही थी महिला, इसी दौरान घायल लेपर्ड को देखकर उसे राखी बांधकर जिंदगी बचने की कामना की. इसका वीडियो बनाकर किसी ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो वायरल हो रहा है.

Raksha Bandhan: राजस्थान में अनूठा रक्षा बंधन, महिला ने बांधी मरते हुए लेपर्ड को राखी
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: रक्षा बंधन (Raksha Bandhan) के दिन सभी बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की, लेकिन राजस्थान (Rajasthan) में रक्षा बंधन का एक अनूठा ही मामला सामने आया है. यहां एक मरते हुए गुलदार (Leopard) को राखी बांधकर उसके ठीक होने की कामना की. हालांकि महिला की प्रार्थना काम नहीं आई और उपचार के बावजूद लेपर्ड ने एक घंटे बाद दम तोड़ दिया. महिला का लेपर्ड को राखी बांधने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

भाइयों को राखी बांधने जा रही थी महिला
दरअसल ये पूरा मामला राजस्थान के राजसमंद (Rajsamand) जिले की कुंभलगढ़ (Kumbhalgarh) विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार के दिन का है. आमेट तहसील एरिया में एक घायल लेपर्ड पाया गया, जो चल भी नहीं पा रहा था. इसी दौरान एक महिला रक्षाबंधन होने के कारण अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए पीहर (मायके) जा रही थी. रास्ते में लेपर्ड को देखकर महिला रूक गई.

लेपर्ड की बेहद खराब हालत देखकर महिला को उस पर दया आई और उसने लेपर्ड को राखी बांधकर उसके ठीक होने की प्रार्थना की. इस दौरान चारों तरफ से लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया. कई लोगों ने अपने मोबाइल से लेपर्ड को राखी बांधने के इस अनूठे रक्षाबंधन का वीडियो भी बना लिया. कई लोगों ने लेपर्ड के साथ सेल्फी भी ली. ये वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए गए, जो बेहद तेजी से वायरल हो रहे हैं.

पढ़ें- Independence Day 2022: आजादी मिले हो गए 75 साल, जानिए पहले 10 साल में कैसे आगे बढ़ा था देश

वन विभाग के डॉक्टरों ने किया इलाज पर नहीं बचा सके लेपर्ड को

राजसमंद के ACF विनोद कुमार राय ने बताया कि वन विभाग को इस लेपर्ड के बारे में सूचना मिली थी. तत्काल प्रभाव से वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और देखा कि यह फिमेल लेपर्ड है, जिसके बैकबोन पोर्सन में काफी गहरा घाव था. उन्होंने बताया कि उस घाव में कीड़े भी पड़ चुके थे. इसी कारण यह फिमेल लेपर्ड (मादा गुलदार) चल नहीं पा रही थी और उसका ब्रेन भी पूरी तरह से काम नहीं कर पा रहा था.

पढ़ें- Independence day 2022: चीन-पाक से लड़ाई के बीच स्पेस पॉवर बने हम, जानिए आजादी के बाद 1959 से 1968 तक का हाल

विनोद राय के मुताबिक, वन विभाग के डॉक्टरों ने फिमेल लेपर्ड का उपचार किया. उपचार के बाद वह खड़ी भी हुई, लेकिन एक घंटे बाद ही संक्रमण के कारण इस फिमेल लेपर्ड ने दम तोड़ दिया. उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

INPUT- राजसमंद से देवेंद्र शर्मा

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement