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National Herald Case: ED की 8 घंटे पूछताछ के बाद हेराल्ड हाउस से निकले मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस बोली- सरकार ने किया ड्रामा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) यंग इंडियन कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि हैं. इस कंपनी का मालिकाना हक सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास है. खड़गे की मौजूदगी में हेराल्ड हाउस में ED ने इसी कंपनी के ऑफिस के अंदर तलाशी ली है.

National Herald Case: ED की 8 घंटे पूछताछ के बाद हेराल्ड हाउस से निकले मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस बोली- सरकार ने किया ड्रामा
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डीएनए  हिंदी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे  (Mallikarjun Kharge) हेराल्ड हाउस में करीब 8 घंटे तक प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के सवालों का जवाब देने के बाद घर रवाना हो गए हैं. खड़गे को गुरुवार दोपहर नेशनल हेराल्ड (National Herald) न्यूजपेपर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में यंग इंडियन (Young Indian) लिमिटेड कंपनी के ऑफिस की तलाशी के दौरान मौजूद रहने के लिए बुलाया गया था. यह ऑफिस हेराल्ड हाउस (Herald House) बिल्डिंग में ही मौजूद है.

ANI के मुताबिक, ED ने पहले खड़गे की मौजूदगी मेंं ऑफिस की तलाशी ली. इसके बाद वहां मिले दस्तावेजों व नेशनल हेराल्ड केस से जुड़े अन्य सवालों को लेकर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता से पूछताछ की गई. गुरुवार दोपहर 12.20 बजे हेराल्ड हाउस पहुंचे खड़गे रात में करीब 8.30 बजे के बाद वहां से बाहर निकले और अपने घर के लिए रवाना हो गए.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने खड़गे को पूरा दिन हेराल्ड हाउस में ED की कस्टडी में रखने को केंद्र सरकार का ड्रामा बताया है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को पूरे देश मे कांग्रेस की तरफ से आयोजित हो रहे विशाल प्रदर्शन को दबाने के लिए मोदी सरकार ने यह ड्रामा किया है.

अपनी तरफ से आयोजित डिनर में ही नहीं पहुंच पाए खड़गे

इससे पहले करीब 8 बजे किए ट्वीट में जयराम रमेश ने कहा था कि नेता विपक्ष के हैसियत से खड़गे ने शाम के 7.30 बजे उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा (Margaret Ava) के लिए एक डिनर आयोजित कर रखा है, लेकिन वह ED के साथ होने के कारण उसमें भी नहीं पहुंच पाए हैं. यह बेहद शर्मनाक है.

इससे पहले गुरुवार सुबह इस मुद्दे पर संसद में भी बेहद हंगामा हुआ. कांग्रेसी नेताओं ने संसदीय सत्र चलने के दौरान ED की तरफ से नोटिस भेजकर खड़गे को पेश होने के लिए कहने पर ऐतराज जताया. इसे लेकर राज्य सभा को बीच में स्थगित भी करना पड़ा.

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उधर, मुंबई में AJL बिल्डिंग को लीज पर देने के लिए लगा नोटिस गुरुवार को हटा लिया गया. यह बिल्डिंग नेशनल हेराल्ड का मालिकाना हक रखने वाली पूर्व कंपनी एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ी है. AJL की संपत्तियों का मालिकाना हक यंग इंडियन को ट्रांसफर करने के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने के आरोपों की ED जांच कर रही है. यंग इंडियन कंपनी का मालिकाना हक सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास है.

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12.30 बजे बुलाया था खड़गे को, जांच के दौरान लेनदेन के सबूत मिलने का दावा

मल्लिकार्जुन खड़गे को ED टीम ने 12.30 बजे यंग इंडियन के ऑफिस में ही पेश होने के लिए कहा था. एक ED अधिकारी के मुताबिक, एजेंसी ने बुधवार को यंग इंडियन लिमिटेड का ऑफिस सील किया था. खड़गे उस कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि हैं. एजेंसी की टीम के वहां पहुंचने के दौरान खड़गे के मौजूद नहीं होने के कारण ऑफिस सील किया गया था. खड़गे के आने पर सील हटा दी जाएगी और आगे तलाशी की जाएगी.

Rajya sabha

खड़गे करीब 1 बजे ED ऑफिस पहुंचे. पहले उनसे कुछ पूछताछ की गई, इसके बाद अधिकारियों ने तलाशी लेना शुरू कर दिया. सूत्रों का दावा है कि तलाशी के दौरान नेशनल हेराल्ड का मालिकाना हक AJL से यंग इंडियन को ट्रांसफर करने के लिए हुए लेनदेन से जुड़े सबूत मिल गए हैं. हालांकि एजेंसी ने अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. बता दें कि इस लेनदेन में ही टैक्स चोरी करने का आरोप है.

खड़गे ने राज्य सभा में उठाया नोटिस देने का मुद्दा

इससे पहले गुरुवार सुबह मल्लिकार्जुन खड़गे को पेश होने के लिए नोटिस मिलने को लेकर राज्य सभा (Rajya Sabha) में बेहद हंगामा हुआ. खड़गे ने ED की तरफ से मिले नोटिस का मुद्दा राज्य सभा में उठाया और सरकार से सवाल किया कि संसद सत्र चलने के दौरान वे (ED) मुझे समन कैसे कर सकती है? उन्होंने कहा, कल पुलिस ने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आवास घेर लिए थे. क्या ऐसे हालात में लोकतंत्र जिंदा रहेगा? क्या हम संविधान के मुताबिक काम कर पाएंगे? हम नहीं घबराएंगे. हम इससे लड़ेंगे.

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सरकार की तरफ से नेता सदन पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि सरकार जांच एजेंसियों के कामकाज में दखल नहीं देती है. इसके बाद सदन में बहुत देर तक शोरशराबा चलता रहा. कांग्रेस के कई नेताओं ने इस नोटिस पर सवाल खड़े किए. अन्य विपक्षी दलों ने भी कांग्रेस का समर्थन किया. इस पर सदन को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया. 

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