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CM Kejriwal को जमानत देने वाली कौन हैं जज न्याय बिंदु? जानिए नियमित और अंतरिम जमानत में अंतर

CM Arvind Kejriwal को नियमित जमानत देने वाली जज सुर्खियों में आ गई हैं. उन्होंने केजरीवाल को जमानत देते हुए ED को भी खरी खोटी सुनाई थी. जानिए उन्होंने अपने फैसले में क्या कहा था.

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CM Kejriwal को जमानत देने वाली कौन हैं जज न्याय बिंदु? जानिए नियमित और अंतरिम जमानत में अंतर
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Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को (Arvind Kejriwal)शराब घोटाला मामले में बड़ी राहत मिली थी. सीएम केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने नियमित जमानत दे दी थी. अरविंद केजरीवाल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग पिछले तीन महीने से जेल में बंद थे. कोर्ट ने नियमित जमानत देते हुए ED को फटकार लगाई थी. लेकिन फिलहाल इस जमानती आदेश पर रोक लगा दी गई है. कोर्ट द्वारा ईडी पर पक्षपात तरीके से काम करने का अरोप लगाया गया थी. 

लोकसभा चुनाव के समय मिली थी आंतरिम जामानत
इससे पहले CM Arvind Kejriwal को चुनाव के समय अंतरिम जमानत मिली थी. वहीं चुनाव होते ही 2 जून को फिर से जेल गए थे. लेकिन अब राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष जज न्याय बिंदु ने उन्हें 18 दिन बाद नियमित जमानत दे दी थी. शराब घोटाला मामले केजरीवाल को जमानत देकर जज न्याय बिंदु सुर्खियों में आ गई हैं. 
 
जज न्याय बिंदु फैसला सुनाते हुए कहा...
जज न्याय बिंदु ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि 'दोनों पक्षों द्वारा विभिन्न दस्तावेज भारी मात्रा में दिए गए, जिनमें से अधिकांश केजरीवाल के संबंध में प्रासंगिक भी नहीं थे. अदालत ने कहा कि इस समय दस्तावेज के इन हजारों पन्नों को पढ़ना संभव नहीं है, लेकिन यह अदालत का कर्तव्य है कि जो भी मामला विचार के लिए आए उस पर काम करे और कानून के अनुसार आदेश पारित करे। हालांकि, कभी-कभी अदालतें विभिन्न कारणों से ऐसे आदेश पारित करने से बचती हैं जिनके दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं.'


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कौन है राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष जज न्याय बिंदु
बता दें कि सीएम केजरीवाल को नियमित जमानत देने वाली जज न्याय बिंदु Rouse Avenue Court की विशेष जज हैं. जज न्याय बिंदु को दीवानी और फौजदारी कानून का विशेष ज्ञान है. ये इससे पहले द्वारका कोर्ट में वरिष्ठ सिविल जज औऱ उत्तर-पश्चिम जिले की रोहिणी कोर्ट में जज थीं. 

अंतरिम अंतरिम और नियमित जमानत में अंतर

अंतरिम जमानत

किसी भी कैदी को अंतरिम जमानत तब तक दी जाती है, जब तक कि कोर्ट में नियमित जमानत के लिए आवेदन लंबित नहीं होता है. इस जमातन को दिए जाने की कुछ शर्तें भी होती है. अंतरिम जामानत का समय पूरा होने पर कैदी को बिना किसी वारंट गिरफ्तार कर लिया जाता है. 

नियमित जामनत
इस कानूनी प्रक्रिया में गिरफ्तार आरोपी को अदालत अपराध करने के संदेह के तहत कुछ शर्तों पर रिहा करने के निर्देश दे सकती है. जमानती या गैर-जमानती अपराध के मामले में नियमित जमानत लेने के लिए आरोपी को अदलात में आवेदन करना होगा उसके बाद कोर्ट मामले पर सुनवाई करेंगी और फैसला सुनाएंगी. 

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