Advertisement

Kerala Drugs Issue: केरल के स्कूलों में ड्रग्स का डरावना साया, गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स के लिए कर रहे इस्तेमाल, सर्वे में खुलासा

Kerala Drugs In School: केरल में ड्रग्स का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. स्कूली बच्चों के बीच ड्रग्स लेने की बात सरकारी सर्वे में सामने आया है.

Kerala Drugs Issue: केरल के स्कूलों में ड्रग्स का डरावना साया, गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स के लिए कर रहे इस्तेमाल, सर्वे में खुलासा
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: कुछ महीने पहले केरल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वीडियो के बाद केरल में ड्रग्स के बढ़ते कारोबार की खबरों ने सबको हैरान कर दिया. अब सरकार के एक नए सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. केरल के स्कूलों में बच्चे बड़े पैमाने पर ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं. यहां तक कि कुछ स्कूली लड़के नशे और ड्रग्स का सेवन गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स करने के लिए करते हैं. ड्रग्स के जाल में फंसने वालों में लड़कियों की संख्या ज्यादा है. दुखद बात यह है कि एक बार नशे की आदि हो जाने के बाद इन लड़कियों का इस्तेमाल ड्रग्स तस्कर के तौर पर किया जाता है. 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो 
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मध्य केरल के एक शहर स्थित एक होटल में छापे के दौरान एक युवती को नशे में जोर-जोर से चिल्लाते हुए देखा गया था. इस घटना की जांच से बाद में पता चला था कि एक वक्त में मेधावी छात्रा रही युवती को मादक पदार्थ के जाल में फंसाया गया और उसका इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी के लिए किया जाने लगा था. इस घटना ने केरल ही नहीं पूरे देश को हैरान कर दिया था क्योंकि यह प्रदेश भारत का सबसे शिक्षित प्रदेश है.

यह भी पढ़ें: ‘जैसी पार्टी वैसे संस्कार’ Jaya Bachchan के उंगली दिखाने पर BJP का वार

केरल पुलिस ने कराया 21 साल से कम उम्र के लोगों पर सर्वे
केरल पुलिस की ओर से 21 साल से कम आयु के युवाओं के बीच कराए एक नए सर्वेक्षण में हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है.  नशे की गिरफ्त में आए इन युवाओं में से 40 प्रतिशत 18 साल से कम आयु के थे. सबसे डरावनी बात यह थी कि इनमें से ज्यादातर लड़कियां थी और मादक पदार्थ के जाल में फंसने के बाद उनका इस्तेमाल तस्करों के रूप में किया जा रहा था. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) एम आर अजीत कुमार ने कहा, ‘पहले मादक पदार्थ के मामले कॉलेजों में ज्यादा आते थे लेकिन अब स्कूलों में ज्यादा मामले आते हैं. लड़कियां मादक पदार्थ के दुरुपयोग से अधिक पीड़ित हैं.’ राज्य पुलिस के मादक पदार्थ रोधी अभियान ‘योद्धा’ के लिए राज्य के नोडल अधिकारी कुमार ने कहा कि महिला तस्करों का इस्तेमाल अन्य लड़कियों को इस जाल में फंसाने के लिए किया जा रहा है. कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वे पहले स्कूल जाने वाली लड़कियों से दोस्ती करती हैं और फिर धीरे-धीरे उन्हें मादक पदार्थ की खतरनाक दुनिया में धकेल देती हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि सड़क किनारे लगे ठेलों पर यह धंधा ज्यादा हो रहा है. 

यह भी पढ़ें: PM मोदी ने पुराना बजट पढ़ने पर अशोक गहलोत पर कसा तंज, सुनाया RSS से जुड़ा 40 साल पुराना किस्सा

स्कूलों से मादक पदार्थ की समस्या खत्म करने के लिए पुलिस ने राज्य में स्कूलों के समीप छोटे-छोटे ठेलों और दुकानों पर 18,301 छापे मारे और 401 मामले दर्ज किए. 462 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 20.97 किलोग्राम गांजा, 186.38 ग्राम एमडीएमए और 1112.1 ग्राम हशीश जब्त की गई है. तिरुवनंतपुरम जिला बाल संरक्षण इकाई में तैनात काउंसलर अंजू डायस ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘मादक पदार्थ के दुरुपयोग के मामले स्कूली बच्चों में बहुत ज्यादा हैं। जब हम उनकी काउंसिलिंग करते हैं तो वे नशा करने की बात कबूल करते हैं लेकिन कभी भी यह नहीं बताते कि उन्हें नशीला पदार्थ कहां से मिला.’

इनपुट: PTI भाषा 

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement