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 Multiplex in Kashmir: तीन दशक का इंतजार खत्म, कश्मीर में आज से खुलेगा पहला मल्टीप्लेक्स, जानिए क्या है इसकी खासियत

Multiplex: जम्मू कश्मीर के पहले मल्टीप्लेक्स का उप राज्यपाल मनोज सिन्हा आज उद्घाटन करेंगे. इसमें आमिर खान की 'लाल सिंह चड्ढा' की स्क्रीनिंग की जाएगी. 

 Multiplex in Kashmir: तीन दशक का इंतजार खत्म, कश्मीर में आज से खुलेगा पहला मल्टीप्लेक्स, जानिए क्या है इसकी खासियत
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डीएनए हिंदीः घाटी के लोगों को तीन दशक का इंतजार आज खत्म होने जा रहा है. यहां आज से कश्मीर के पहले मल्टीप्लेक्स (Multiplex) की शुरूआत होने जा रही है. उप राज्यपाल मनोज सिन्हा इसका उद्घाटन करेंगे. पहले दिन आमिर खान की 'लाल सिंह चड्ढा' की विशेष स्क्रीनिंग होगी. यहां 30 सितंबर से ऋतिक रोशन और सैफ अली खान अभिनीत ‘‘विक्रम वेधा’’ की स्क्रीनिंग के साथ यहां नियमित शो शुरू होंगे. पूरे तीन दशक बाद घाटी में सिनेमा की वापसी हो रही है. ये कश्मीर का पहला मल्टीप्लेक्स होगा. इसके साथ ही करीब 30 साल बाद कश्मीर के लोग अब एक बार फिर से सिनेमाघर में फिल्म देख पाएंगे. 

मल्टीप्लेक्स में क्या है खास
कश्मीर के पहले मल्टीप्लेक्स को INOX ने डिजाइन किया है. इसमें तीन स्क्रीन लगाई गई हैं. यहां कुल 520 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी.  इस मल्टीप्लेक्स को मॉडर्न डेकोर और कश्मीरी कला के मेलजोल से डिजाइन किया गया है. हर थिएटर में लेटेस्ट साउंड सिस्टम लगाए गए हैं. मल्टीप्लेक्स में फूड कोर्ट और हर उम्र के दर्शकों को ध्यान में रखकर मनोरंजन के उन सभी साधनों का इंतज़ाम किया गया है. इतना ही नहीं यहां सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. 

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पुलवामा और शोपियां में भी सिनेमा हॉल शुरू 
श्रीनगर के अलावा उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को पुलवामा और शोपियां जिलों में एक-एक बहुउद्देशीय सिनेमा हॉल का उद्घाटन किया था. बता दें कि 1989-90 में आतंकवादियों द्वारा धमकियों और हमलों के कारण थिएटर मालिकों ने घाटी में सिनेमा हॉल बंद कर दिए थे. 1996 में इनको फिर से खोलने की कोशिश भी हुई. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर में साल 1996  के बाद तीन थियेटर खुलवाए थे. लेकिन तब दो थियेटरों पर आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला कर दिया. उस दौरान श्रीनगर के नीलम थियेटर पर आतंकियों ने फिदायीन हमला किया था.

ऐसे में आतंकी वारदातों में बढ़ोतरी के बाद ये थिएटर फिर बंद हो गए. वक्त के साथ बंद पड़े सिनेमाघरों का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से होने लगा. कइयों में शॉपिंग माल बन गए, कई में रेस्त्रां और बार खुले, तो एक-आध में अस्पताल खोल दिया गया. राज्य सरकार को तब इसमें सफलता नहीं मिल सकी. अब प्रदेश प्रशासन घाटी में मल्टीप्लेक्स के अलावा फ़िल्म उद्योग से जुड़े काम जिनमें शूटिंग और पोस्ट प्रडक्शन भी शामिल है, पर जोर दे रहा है. अब तक 500 फ़िल्म निर्माता कश्मीर में शूटिंग के लिए आवेदन कर चुके हैं. 

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