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Lokayukta Police के छापे में ऑफिस से रिश्वत के 40 लाख रुपये 3 बैग में मिले हैं. आरोपी के पिता कर्नाटक के दावणगेरे जिले के चन्नागिरी से विधायक हैं.
डीएनए हिंदी: कर्नाटक में सत्ताधारी भाजपा के लिए बृहस्पतिवार का दिन बेहद खराब रहा. एक भाजपा विधायक के पीसीएस अफसर बेटे को लोकायुक्त की टीम ने 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. प्रशांत को कर्नाटक सोप एंड डिटर्जेंट लिमिटेड (KSDL) के ऑफिस में छापा मारकर रिश्वत के 40 लाख रुपये से भरे तीन बैग के साथ गिरफ्तार किया गया.
यह ऑफिस प्रशांत के पिता भाजपा विधायक एम. वीरुपक्षप्पा (BJP MLA K Madal Virupakshappa) का है, जो KSDL के चेयरमैन भी हैं. वीरुपक्षप्पा कर्नाटक के दावणगेरे जिले की चन्नागिरी सीट से विधायक हैं. लोकायुक्त के अधिकारियों का दावा है कि रिश्वत वीरुपक्षप्पा ने ही मांगी थी, लेकिन उनकी जगह इसे उनका बेटा ले रहा था. इस छापेमारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.
पिता की जगह ले रहा था 80 लाख की रिश्वत में से पहली किस्त
PTI ने लोकायुक्त सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रशांत बंगलोर वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) में चीफ अकाउंट ऑफिसर है. सूत्रों ने बताया कि प्रशांत कर्नाटक प्रशासनिक सेवा के 2008 बैच का अधिकारी है. वह साबुन व अन्य डिटर्जेंट बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल खरीदने की डील में एक ठेकेदार से रिश्वत ले रहा था.
रिश्वत में प्रशांत ने 80 लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें से 40 लाख रुपये की पहली किस्त बृहस्पतिवार को दी जा रही थी. लोकायुक्त पुलिस ने प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया है. इस छापेमारी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोकायुक्त टीम भारी मात्रा में मिले नोटों की गिनती कर रही है और बैग के अंदर भरे नोट दिखा रही है.
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He had demanded 81 lakhs...#Karnataka #BJPGOVT #40PercentSarkara #DoubleEngineSarkar pic.twitter.com/lzEn5sh1nH— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) March 2, 2023
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ठेकेदार ने की थी लोकायुक्त से शिकायत
प्रशांत के रिश्वत मांगने पर ठेकेदार ने इसकी शिकायत लोकायुक्त के यहां की थी. इसके बाद ही प्रशांत को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया. इस जाल के तहत ठेकेदार को रिश्वत की पहली किस्त देने के लिए कहा गया. इसी रिश्वत को लेते समय प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया गया. लोकायुक्त के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रशांत के पकड़े जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि कच्चे माल की खरीद के लिए केएसडीएल के अध्यक्ष वीरुपक्षप्पा की तरफ से रकम हासिल की गई. केएसडीएल अध्यक्ष और पैसे लेने वाला आरोपी आपस में पिता और पुत्र हैं.
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