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कर्नाटक सरकार के मंत्री जमीर अहमद ने कहा कि इस तरह का विस्फोट दिल्ली में होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है. इस घटना के बारे में सुरक्षा एजेंसियों को कैसे पता नहीं लगा?
दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर कर्नाटक सरकार में मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान ने इसमें राजनीतिक संलिप्तता की आशंका जताई है. उन्होंने कहा, "दिल्ली में जो कार विस्फोट हुआ, वह एक दुखद घटना है. आश्चर्य है कि यह बम विस्फोट 10 नवंबर को हुआ था और 11 नवंबर को बिहार में मतदान था.
उन्होंने कहा कि आपने मीडिया में लोगों को इसमें राजनीतिक संलिप्तता की आशंका जताते सुना होगा, मैंने भी ऐसे दावे सुने हैं. मैं निश्चित रूप से यह नहीं कह सकता. अगर किसी की जान लेने से किसी को फायदा होता है, तो यह पूरी तरह से गलत है."
बम धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की. करीब 500 अधिकारियों और जवानों की टीम गठित की गई है, जिसमें दिल्ली पुलिस, IB, एनएसजी और NIA के अधिकारी शामिल हैं. टीम लगातार जांच कर रही है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके.
जमीर अहमद ने कहा कि इस तरह का विस्फोट दिल्ली में होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है. इस घटना के बारे में सुरक्षा एजेंसियों को कैसे पता नहीं लगा? सारी सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही थीं? इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए.
बीजेपी हर चीज में जाति-धर्म क्यों लाती है?
बेंगलुरु हवाई अड्डे पर मंत्री ने कहा, "मैं बस यही कहना चाहता हूं कि भाजपा हमेशा हर चीज में जाति और धर्म को क्यों लाती है? मुझे समझ नहीं आता. भारत के हर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नमाज अदा करने के लिए एक प्रार्थना कक्ष होता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय यात्री अलग-अलग देशों से आते हैं. अब इस बारे में मुद्दा उठाना पूरी तरह से गलत है. लोग बस नमाज अदा कर रहे हैं, कुछ गलत नहीं कर रहे हैं."
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आईएएनएस-मैटराइज एग्जिट पोल पर मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान ने कहा, "हम पूरी तरह एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं कर सकते. आखिरकार सच्चाई साफ तौर पर सामने आ ही जाएगी. 14 नवंबर को सच्चाई सबको पता चल जाएगी."
(With IANS input)