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MUDA Land Scam: मामला MUDA जमीन के आवंटन में कथित अनियमितताएं बरतने को लेकर है. जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया.
मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) भूखंड आवंटन मामले में बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने लोकायुक्त पुलिस द्वारा दाखिल 'बी रिपोर्ट' के खिलाफ ED की याचिका पर अपना आदेश टाल दिया. रिपोर्ट में कहा गया कि सीएम सिद्धारमैया ने कोई गलत काम नहीं किया है. हालांकि, ईडी और शिकायतकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई और गहन जांच का अनुरोध किया.
स्पेशल कोर्ट के जज संतोष गजानन भट ने कहा कि लोकायुक्त पुलिस द्वारा पूरी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद ही ‘बी रिपोर्ट’ पर फैसला लिया जाएगा. इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई 7 मई तक के लिए टाल दी. अदालत ने एजेंसी द्वारा किए गए अनुरोध के बाद लोकायुक्त पुलिस को अपनी जांच जारी रखने की अनुमति भी दे दी.
इससे पहले लोकायुक्त पुलिस की मैसूरु डिवीजन ने सीएम सिद्धरमैया और 3 अन्य के खिलाफ आरोपों की जांच के आधार पर एक प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी.हालांकि, कोर्ट ने कहा कि जांच सिर्फ 4 व्यक्तियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए और पुलिस को इसमें शामिल सभी लोगों की जांच करने और एक व्यापक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.
MUDA जमीन के आवंटन का मामला
बता दें कि यह मामला MUDA जमीन के आवंटन में कथित अनियमितताएं बरतने को लेकर है. जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि आवासीय भूखंडों का आवंटन नियमों और प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर किया गया, जिससे सिद्धरमैया के परिवार के सदस्यों सहित कुछ व्यक्तियों को संभावित रूप से लाभ हुआ. इसमें सीएम सिद्धारमैया की पत्नी का नाम भी सामने आया था.
(With PTI inputs)
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