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उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक निजी स्कूल के खिलाफ हिंदू छात्रों को कथित तौर पर कलमा पढ़ाने का मामला दर्ज किया है. क्या है पूरा विवाद, समझें.
डीएनए हिंदी: कानपुर (Kanpur) के सीसामऊ इलाके में एक प्राइवेट स्कूल की प्रार्थना में कलमा पढ़े जाने को लेकर विवाद हो गया. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने धार्मिक प्रार्थना को रोककर सिर्फ राष्ट्रगान गाने की व्यवस्था कर दी है. सहायक पुलिस आयुक्त (सीसामऊ) निशंक शर्मा ने कहा है कि फ्लोरेट्स इंटरनेशनल स्कूल के एक छात्र के अभिभावक ने शनिवार को एक ट्वीट कर आरोप लगाया था कि स्कूल में सुबह होने वाली प्रार्थना में छात्रों से पहले कलमा भी पढ़वाया जाता है. इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था. निशंक शर्मा ने बताया कि मामला जिलाधिकारी विशाख तक भी पहुंचा जिस पर उन्होंने जांच के आदेश दिए.
जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और अपर नगर मजिस्ट्रेट को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को स्कूल का दौरा करने और शिक्षकों, अभिभावकों तथा छात्रों से मिलकर जल्द से जल्द निष्कर्ष पेश करने के लिए कहा गया है.
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कलमा पढ़ने को लेकर भड़का था विवाद
पुलिस सूत्रों के मुताबिक स्कूल में कलमा पढ़ाये जाने के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कुछ कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया. विहिप के जिलाध्यक्ष अनुराग दुबे ने कहा कि विहिप और भाजपा कार्यकर्ता छात्रों को इस्लामिक धर्म सिखाने के लिए मजबूर करने को लेकर प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर स्कूल में जमा हो गए. उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर को गंगा जल से शुद्ध किया गया है.
प्रदर्शन के बाद बंद हो गया था स्कूल
नाराज दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे छात्रों को कलमा कैसे पढ़ा सकते हैं, यह उचित नहीं है. दुबे ने बताया कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सीसामऊ पुलिस को लिखित ज्ञापन सौंपा गया है. प्रदर्शन के बाद सोमवार को स्कूल बंद कर दिया गया.
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स्कूल के बाहर पुलिसबलों की तैनाती
पुलिस ने कहा है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए स्कूल के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई है. निशंक शर्मा ने बताया कि उन्होंने स्कूल के प्रबंध निदेशक सुमीत मखीजा से जब पूछताछ की तो उन्हें बताया गया कि विद्यालय में सभी धर्मों का समान रूप से आदर किया जाता है.
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स्कूल में पिछले करीब 14 साल से यही प्रार्थना हो रही है जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई धर्मों के श्लोक, गुरबाणी और दुआ का पाठ भी कराया जाता है. बच्चों की स्कूल की डायरी में भी इन्हें प्रकाशित किया गया है. इससे पहले कभी किसी विद्यार्थी के परिजन ने आपत्ति नहीं की थी.
प्रार्थना नहीं सिर्फ होगा राष्ट्रगान
अब स्कूल प्रशासन ने फैसला किया है कि प्रार्थना में सभी धार्मिक प्रार्थना को हटाकर उनके स्थान पर सिर्फ राष्ट्रगान ही गाया जाएगा. अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि इस मामले में एक लिखित शिकायत दी गई है और पुलिस से उसकी जांच करने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर समुचित कार्रवाई की जाएगी. (इनपुट: भाषा)
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