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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने बताए कानून के शाश्वत मूल्य, 9 नवंबर को बनेंगे CJI

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भारत के अगले CJI होंगे. उनके पिता भी CJI रह चुके हैं. वह सात साल से अधिक समय तक इस पद पर रहे.

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने बताए कानून के शाश्वत मूल्य, 9 नवंबर को बनेंगे CJI

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

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डीएनए हिंदी: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को भारत का 50वां चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है. वह आने वाली 9 नवंबर को CJI पद की शपथ लेंगे. डीवाई चंद्रचूड़ भारत के 16वें चीफ जस्टिस यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ के बेटे हैं. जस्टिस यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ रिकॉर्ड सात साल चार महीने तक (22 फरवरी 1978 से 11 जुलाई 1985) CJI रहे हैं.

उनके बेटे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को 13 मई 2016 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था. इससे पहले जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ 16 सालों तक बॉम्बे हाईकोर्ट में जज  और फिर देश की सबसे बड़ी हाईकोर्ट- इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर चुके हैं. अब वह दो साल दो दिन तक भारत के चीफ जस्टिस रहेंगे.

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अपनी नियुक्ति का वारंट प्राप्त करने के बाद अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कई अहम बातें कहीं. जब उनसे सवाल किया है किया गया कि उनके पिता के समय और वर्तमान समय में क्या अंतर है तो उन्होंने कहा कि CJI के रूप में अपने पिता के लंबे कार्यकाल को करीब से देखना निश्चित रूप से उनके लिए मार्गदर्शक साबित होगा. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि समय बदल गया है और समाज जटिल हो गया है.

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उन्होंने आगे कहा कि तब के समय में और अब के समय में सिर्फ आधुनिक जीवन और समाज की जटिल जटिलताओं के संदर्भ में अंतर आया है. कानून के शासन को लागू करने में संतुलन लाने का प्रयास किया जाएगा. समाज और जटिल हो गया है. हालांकि इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज के मूल मूल्य अभी भी अपरिवर्तित रहे हैं.

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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सभी परिवर्तनों के बावजूद, कुछ मूल मूल्य हैं जो शाश्वत हैं. ये मूल रूप से संवैधानिक मूल्य हैं - बंधुत्व, गरिमा, स्वतंत्रता और समानता. चाहे 1950 का दशक हो या 21वीं सदी का तीसरा दशक, हमें अपने समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए इनका पालन करने की जरूरत है.

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