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JNU में लगे ब्राह्मण विरोधी नारे से बौखलाई ABVP, गिरीराज सिंह बोले - टुकड़े-टुकड़े गैंग का केंद्र है

JNU कैंपस एक बार फिर विवादों में आ गया है. यहां कई इमारतों पर ब्राह्मण विरोधी नारे लिए गए हैं.

JNU में लगे ब्राह्मण विरोधी नारे से बौखलाई ABVP, गिरीराज सिंह बोले - टुकड़े-टुकड़े गैंग का केंद्र है
Anti-Brahmin slogans raised in JNU

 

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डीएनए हिंदी: दिल्ली में मौजूद जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय का कैंपस एक बार फिर विवादों में गया है. जेएनयू में कई इमारतों को गुरुवार को ब्राह्मण विरोधी नारे लिखे गए. जिसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. विद्यार्थियों ने दावा किया कि ब्राह्मण और बनिया समुदाय के खिलाफ नारों के साथ स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की इमारत में तोड़फोड़ की गई. जेएनयू के इस विवाद पर बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. 

गिरिराज सिंह ने कहा, "जेएनयू जिस कारण से बना था आज राजनीतिक दल टुकड़े टुकड़े गैंग चलाते हैं. जेएनयू उनका केंद्र बनत जा रहा है. जेएनयू में कभी अफजल गुरु के नाम पर कभी अन्य के नाम पर. मैं समझता हूं आज देश के अंदर टुकड़े-टुकड़े गैंग और गजवा-ए-हिंद ये दोनों का एक गठबंधन चल रहा है और भारत के अंदर बहुसंख्यकों में विभेद कैसे पैदा हो, इस विभेद पैदा करने की दृष्टि से यह हरकत करते हैं. देश में मोदी की सरकार है जो राष्ट्र वैभव की बात सोचता है सर्वे हिताय सर्व सुखाय की बात सोचता है. यह कामयाब नहीं होने वाला है ये टुकड़े टुकड़े गैंग गजवा ए हिंद. यह दोनों की सांठगांठ है इसी कारण यह हरकत हुआ है."

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बात दें दीवारों पर लिखे नारों में से कुछ नारे हैं, ‘ब्राह्मण परिसर छोड़ो’, ‘रक्तपात होगा’, ‘ब्राह्मण भारत छोड़ो’ और ‘ब्राह्मणों और बनिया, हम तुम्हारे पास बदला लेने आ रहे हैं.’ आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवीबीपी ने इस प्रकरण के लिए वाम पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है.

एवीबीपी की जेएनयू इकाई के अध्यक्ष रोहित कुमार ने कहा, ‘‘एवीबीपी शैक्षणिक परिसर में वामपंथी गुंडों की तरफ से की गई तोड़-फोड़ की निंदा करती है. वामपंथियों ने जेएनयू स्थित स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज-द्वितीय की इमारत पर अपशब्द लिखे हैं. उन्होंने मुक्त सोच रखने वाले प्रोफेसरों के धमकाने के लिए उनके चेंबर को विकृत किया है.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘शैक्षणिक स्थान का इस्तेमाल बहस और चर्चा के लिए की जानी चाहिए न कि समाज और विद्यार्थियों में वैमनस्य पैदा करने के लिए.’’

जेएनयू शिक्षकों के संगठन ने भी तोड़-फोड़ की ट्वीट कर निंदा की है और इसके लिए ‘वामपंथी उदारवादी गिरोह’ को जिम्मेदार ठहराया है.

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